डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में पीएचडी में प्रवेश के लिए एक छात्र से 1.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में आईईटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजीव कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) एकेटीयू का ही घटक संस्थान है। निलंबित प्रोफेसर राजीव एकेटीयू में सह अधिष्ठाता पीजी एंड रिसर्च के पद पर भी कार्यरत है।
एकेटीयू में पीएचडी प्रवेश परीक्षा का पहला चरण 30 जून को लखनऊ व नोएडा के एक-एक केंद्र पर आयोजित किया गया था। 29 जून को एक छात्र ने कुलपति प्रो. विनय पाठक को फोन पर बताया कि डॉ. राजीव ने पीएचडी में प्रवेश के लिए रिश्वत मांगी है। तब कुलपति ने मामले की जांच के लिए एक वरिष्ठ शिक्षक के निर्देश में टीम बनाई।
वीसी की औचक जांच में पैकेट लेते रंगे हाथ पकड़े गए
जांच टीम 29 जून को छात्र द्वारा बताए गए स्थान विशाल हॉस्पिटल, जानकीपुरम पहुंची। रात 10 बजे प्रोफेसर को उक्त अभ्यर्थी से एक पैकेट लेते हुए पकड़ा गया। रात में ही उन्हें कुलपति के सामने पेश किया गया। विवि प्रवक्ता आशीष मिश्रा के अनुसार डॉ. सिंह ने आरोप स्वीकार कर लिए हैं। जल्द ही एक जांच टीम बनाई जाएगी।