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अयोध्या : 12 साल के मृगेंद्र को उसकी उपलब्धि के लिए मिला लंदन से सीधे डॉक्टरेट करने का ऑफर

Mon, 01 Jul 2019 11:22 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला अयोध्या
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मृगेंद्र राज - फोटो : amar ujala
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महज 12 वर्ष की उम्र में अब तक 135 पुस्तकों की रचना, चार वर्ल्ड रिकार्ड और सैकड़ों अन्य अवार्ड। अचंभित कर देने वाला ये परिचय है ‘आज का अभिमन्यु’ नाम से विख्यात मृगेंद्र राज का। अयोध्या की मिट्टी में जन्मे मृगेंद्र राज विलक्षण प्रतिभा के धनी हैं। इसका संकेत उन्होंने छह वर्ष की उम्र में ही काव्य संग्रह लिखकर दे दिया था। 
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अब मृगेंद्र को लंदन स्थित वर्ल्ड रिकार्ड्स यूनिवर्सिटी की ओर से सीधे डॉक्टरेट करने का आमंत्रण मिला है। 12 वर्षीय मृगेंद्र के लिए ये बड़ी उपलब्धि है। साथ ही उनके द्वारा रामायण के 51 पात्रों पर पुस्तकें भी लिखी जा चुकी हैं जो उनके पांचवे वर्ल्ड रिकार्ड का आधार बनने वाली हैं। 

होनहार बिरवान के होत चीकने पात... की कहावत मृगेंद्र पर सटीक बैठती है। जिंगल बेल स्कूल के कक्षा सात के इस छात्र ने महज छह वर्ष की उम्र से ही अपनी अद्भुत ज्ञान क्षमता का प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था। जिस उम्र में लोग ठीक से क, ख, ग... भी नहीं पढ़ पाते उस उम्र में मृगेंद्र विभिन्न सवालों का जवाब पलक झपकते ही देते थे। 
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मृगेंद्र ने अब तक 78 प्रमुख लोगों की बायोग्राफी भी लिखी है। उनकी ये उपलब्धि रामनगरी का गौरव तो बढ़ाने वाली है ही, बड़े-बड़े साहित्यकारों को भी अचंभित करती है। उन्होंने सलमान खान, ऐश्वर्या राय, अनूप जलोटा, प्रकाश झा, रतन नवल टाटा, बीके बिरला, लावारिस लाशों के मसीहा समाजसेवी मोहम्मद शरीफ, संत श्रीधराचार्य, व्यंगकार सर्वेश अस्थाना सहित अन्य शख्सियतों की बायोग्राफी लिखी है। 

भगवान श्रीराम पर रचित एक पुस्तक में मृगेंद्र का गजब का नजरिया और बेजोड़ लेखनशैली दिखती है। मृगेंद्र अब पांचवे विश्व रिकार्ड के करीब हैं। उनका नाम अब अमेरिका की संस्था गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होने को है। ये उपलब्धि उनको रामायण के 51 पात्रों पर पुस्तक व 78 शख्सियतों की बायोग्राफी लिखने पर मिलेगी। मृगेंद्र कहते हैं- अच्छा लिखने के लिए पहले अच्छा पढ़ना जरूरी है। प्रेमचंद और शेक्सपीयर उनके पंसदीदा लेखक हैं। 
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान 

मृगेंद्र को साढ़े छह वर्ष की आयु में यंगेस्ट पोएट ऑफ दि वर्ल्ड रिकार्ड और नौ वर्ष में यंगेस्ट मल्टी डाइमेंशनल राइटर रिकार्ड का खिताब मिल चुका है। 11 वर्ष की आयु में यंगेस्ट यू ऑथर मोस्ट बायोग्राफी का रिकार्ड भी मिला है। एक काव्य संग्रह, एक उपन्यास, नदी प्रदूषण की मर्मांतक गाथा पर भी एक पुस्तक लिखी है। उनकी साहित्य सर्जना निरंतर जारी है। 

पांचवे वर्ल्ड रिकार्ड की राह में रोड़ा बनी आर्थिक समस्या
रामनगरी की शान मृगेंद्र राज के पांचवे वर्ल्ड रिकार्ड की राह में आर्थिक समस्या रोड़ा बन गई है। मृगेंद्र की मां डॉ. शक्ति पांडेय व पिता राजेश पांडेय उनके इस यज्ञ में अपना सब कुछ निरंतर अर्पित कर रहे हैं। पांचवे वर्ल्ड रिकार्ड के लिए मृगेंद्र को मोटी फीस जमा करनी होगी जो उनके लिए बड़ी समस्या है। 

पिता राजेश पांडेय कहते हैं कि वे अपने जीवन की सारी पूंजी मृगेंद्र का भविष्य संवारने के लिए लगा रहे हैं। पांचवे रिकार्ड के लिए बड़ी फीस जमा करनी है। मगर आर्थिक संकट प्रतिभा की राह में रोड़ा बना है।
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