लखनऊ। संत रविदास जयंती पर बुधवार को राजधानी के प्रमुख चौराहों व क्षेत्रों में शोभायात्रा के साथ ही कार्यक्रम हुए। क्षेत्रवासियों ने यहियागंज से शोभायात्रा की शुरुआत की, जो हजरतगंज, परिवर्तन चौक होते हुए अलीगंज स्थित रविदास मंदिर पहुंचकर समाप्त हुआ। इस दौरान बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर, ज्योतिबा फुले, फातिमा शेख, वीरांगना अहिल्याबाई व संत कबीर समेत अन्य महापुरुषों की झांकियां नजर आईं।
शोभायात्रा में शामिल अरविंद चौधरी ने बताया कि संत रविदास ने जीने की राह दिखाई, जबकि बाबासाहेब ने शिक्षा का महत्व बताया। उन्होंने अधिकार दिलाया और समानता का पाठ पढ़ाया। समाज को शिक्षित और व्यवस्थित बनाने में जिन महापुरुषों ने योगदान दिया है, झांकी के माध्यम से उन्हें दर्शाया गया है। समाज को अपने महापुरुषों को याद करते रहना चाहिए। मीरा देवी ने कहा कि संत रविदास के विचारों की रोशनी से ही समाज का अंधकार मिटेगा।
रविदास जी का जीवन दर्शन कल्याण, आदर्श और समता का प्रतीत
डॉ. आंबेडकर सामाजिक एकता मंच की ओर से मार्टिन पुरवा में रविदास जयंती पर कार्यक्रम हुए। मुख्य अतिथि यूपीसीएल के पूर्व संयुक्त सचिव जेपी शास्त्री ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संगठन के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने कहा कि रविदास जी का जीवन दर्शन संपूर्ण प्राणी जगत के कल्याण, आदर्श और समता का प्रतीत है। रविदास की शिक्षाएं समाज में समता और बंधुता को प्रोत्साहित करती हैं। कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ताओं को बेस्ट सोशल वर्कर अवार्ड से सम्मानित किया गया।