अकीदत के साथ निकाला ताबूत-ए-18 बनी हाशिम का जुलूस
लखनऊ। 12वीं मुहर्रम पर रविवार को हुसैनाबाद सि्थत मस्जिद मासूमिया से ताबूत-ए-18 बनी हाशिम का जुलूस अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना तकी रजा ने शोहदा-ए-कर्बला की कुर्बानियों और उनके पैगाम पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी इंसानियत, इंसाफ और सच्चाई की ऐसी मिसाल है, जो हर दौर में समाज को सही राह दिखाती है।
मजलिस के बाद बीबी फातिमा जहरा की खिदमत में उनके लाल हजरत इमाम हुसैन का पुरसा पेश किया गया। इसके बाद गम और अकीदत के माहौल में ताबूत-ए-18 बनी हाशिम का जुलूस मस्जिद मासूमिया से दरगाह हजरत अब्बास तक पहुंचा। बड़ी संख्या में मौजूद जायरीन ने ताबूत की जियारत कर शोहदा-ए-कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश किया। पूरे रास्ते नौहाख्वानी, मातम और दुआओं का सिलसिला जारी रहा। जुलूस के समापन पर मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआ की गई।
अकीदत के साथ निकाला ताबूत-ए-18 बनी हाशिम का जुलूस
अकीदत के साथ निकाला ताबूत-ए-18 बनी हाशिम का जुलूस
अकीदत के साथ निकाला ताबूत-ए-18 बनी हाशिम का जुलूस