उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण की प्रक्रिया राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की जनसंख्या संबंधी रिपोर्ट के बाद ही आगे बढ़ सकेगी। इसलिए पंचायतीराज विभाग ने आयोग ने छह सदस्यीय आयोग के गठन के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इस प्रस्ताव पर मुहर कैबिनेट को लगानी होगी।
वहीं, जनगणना में ओबीसी जातियों का अलग से प्रतिशत शामिल किए जाने की व्यवस्था अभी तक नहीं थी। रैपिड सर्वे 2015 के अनुसार, राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग की ग्रामीण जनसंख्या का प्रतिशत 53.33 प्रतिशत था। 2021 के चुनाव में इसी रैपिड सर्व के आधार पर सीटों का आरक्षण हुआ था।
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नगर निकाय के चुनाव में ओबीसी की जनसंख्या के प्रतिशत को लेकर काफी विवाद हुआ था। इसके बाद सरकार ने नगर निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर इस मामले में रिपोर्ट ली थी। पंचायत चुनाव में भी वैसी ही कवायद की जा रही है, ताकि किसी तरह के विवाद की कोई स्थिति न बने।