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ये पांच 'स्पीड ब्रेकर' हटे तो ही समय से दौड़ेगी लखनऊ मेट्रो

Mon, 04 Jul 2016 05:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
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मेट्रो ट्रेन 1 दिसंबर से दौड़नी है। काम भी डेडलाइन के हिसाब से चल रहा है, पर राह में अब भी कई स्पीड ब्रेकर हैं। 8.4 किलोमीटर लंबे प्रॉयोरिटी सेक्शन यानी ट्रांसपोर्टनगर से चारबाग के बीच ऐसी कई छोटी-छोटी बाधाएं हैं।
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कहीं जमीन न मिलने की वजह से मेट्रो स्टेशनों का काम प्रभावित हो रहा है तो कहीं हादसे की वजह से काम अटका पड़ा है। डेडलाइन पर काम पूरा हो, इसके लिए जरूरी है वर्क स्पीड बनी रहे।

यही वजह है कि मुख्य सचिव प्रवीर कुमार को भी मेट्रो रूट की बाधाओं को फिर से आंकने के लिए कहना पड़ा। बहरहाल मेट्रो अफसरों का दावा है कि कई समस्याओं का हल निकाल लिया गया।
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बाकी ‘स्पीड ब्रेकर’ से भी जल्द ही पार पा लिया जाएगा। मेट्रो की राह में कैसे-कैसे ‘स्पीड ब्रेकर’ हैं, उनसे पार पाने के लिए क्या किया जा रहा है पेश है ये खास रिपोर्ट...

सेना की जमीन पर अनुमति न मिलने से काम अटका

मवैया रेलवे पुल के ऊपर चल रहा मेट्रो स्टेशन का निर्माण - फोटो : amar ujala
स्पीड ब्रेकर-1 : मवैया स्टेशन पर सेना की जमीन
मवैया मेट्रो स्टेशन का निर्माण पूरा करने के लिए यहां पाथ-वे बनना है। पर जहां सीढ़ियां बननी हैं वहां एक तरफ सेना की जमीन है। इसके लिए अनुमति नहीं मिलने से काम अटका हुआ है।

अब तक क्या हुआ? मेट्रो के अफसरों का कहना है कि सेना के साथ सैद्धांतिक सहमति बन गई है। जल्द ही मंत्रालय से आदेश भी मिल जाएगा। दूसरी तरफ का पाथ-वे बनाने का काम पूरा किया जा रहा है। इससे आवागमन बना रहेगा।

स्पीड ब्रेकर-2 : सिंगारनगर मेट्रो स्टेशन पर निजी दुकानें
यहां दो दुकानदार मेट्रो स्टेशन के लिए अपनी दुकान की जगह देने के लिए तैयार नहीं हैं। इससे एक तरफ प्लेटफॉर्म तक यात्रियों को ले जाने के लिए पाथ-वे की सीढ़ियां नहीं बन पा रही हैं।

अब तक क्या हुआ ? मेट्रो के अफसरों की गुजारिश पर खुद मंडलायुक्त अब दुकान मालिकों से वार्ता कर रहे हैं। मुख्य सचिव ने भी इस विवाद को जल्दी सुलझाने के निर्देश दिए हैं।

एयरपोर्ट स्टेशन का निर्माण भी एक स्पीड ब्रेकर

- फोटो : amar ujala
स्पीड ब्रेकर-3 : एयरपोर्ट स्टेशन का निर्माण
एयरपोर्ट को मेट्रो से लिंक करने के लिए वहां एक स्टेशन का निर्माण होना है। इसकी दूरी पर एयरपोर्ट अथॉरिटी से अनुमति फंसी, इससे प्राथमिकता सेक्शन में इसे हटाना पड़ा।

अब तक क्या हुआ? एयरपोर्ट अथॉरिटी भूमिगत स्टेशन और मुख्य परिसर से 100 मीटर की दूरी रखने की शर्त पर रजामंद हो गई है। निर्माण की प्रक्रिया जल्द ही मेट्रो शुरू कराएगी।

स्पीड ब्रेकर-4 : आयुक्त रेलवे संरक्षा से हरी झंडी
मवैया पर 225 मीटर लंबे स्टील के स्पेशल स्पैन पर ट्रायल शुरू करने के लिए रेलवे की हरी झंडी चाहिए। इसके बिना संचालन शुरू नहीं किया जा सकता।

अब तक क्या हुआ? पिछले सप्ताह रेलवे ट्रैक के ऊपर से मवैया पर मेट्रो गुजारने के लिए स्पेशल स्पैन के निर्माण के लिए आयुक्त रेलवे संरक्षा ने हरी झंडी दे दी है। अब इसके निर्माण के बाद प्राथमिकता सेक्शन पर संचालन शुरू करने के लिए अनुमति की जरूरत होगी। हालांकि, सदस्य ट्रैफिक रेलवे के हालिया दौरे में सकारात्मक रुख से इस समस्या के जल्द हल होने की उम्मीद है।
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हादसे ने भी रोकी मेट्रो की रफ्तार

- फोटो : amar ujala
स्पीड ब्रेकर-5 : निर्माण कार्य के बीच हादसे
कानपुर रोड पर कार के ऊपर कंक्रीट और मसाला गिरने के बाद आलमबाग बस अड्डे पर क्रॉसआर्म ही ढह गई थी। इसके बाद पूरे पांच दिन तक मेट्रो का काम बंद रहा।

अब तक क्या हुआ? सुरक्षा में कहीं चूक न रहे इसके लिए पुणे की कंपनी सीक्यूआरए को थर्ड पार्टी के रूप में नियुक्त किया गया। आलमबाग बस अड्डे पर भी क्रॉसआर्म को दोबारा तोड़कर बनाया जाना है। मवैया पर विशेष सुरक्षा उपाय किए गए हैं।

इन समस्याओं को भी करना होगा दूर
चारबाग स्टेशन पर गार्डन की जमीन का यात्री सुविधाओं में उपयोग हो, इसपर विवाद बना हुआ है। हालांकि, स्टेशन तक पहुंचने केलिए पाथ-वे बनाने को रेलवे ने इजाजत दे दी है। इससे मेट्रो स्टेशन तक यात्रियों के पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं होगी।

मुंशीपुलिया तक रूट को पूरा करने के लिए यार्ड बनाना है। इस यार्ड के लिए पॉलीटेक्निक चौराहे पर लखनऊ मेट्रो को जमीन चाहिए। यह जमीन पॉलीटेक्निक कॉलेज से मिलनी है। इसकेलिए मेट्रो अब शासन में बात कर रहा है।

छोटी-छोटी दिक्कतें हैं, जल्द दूर हो जाएंगी
इस पर एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव का कहना है कि सबसे बड़ी चुनौती मवैया पर स्पेशल स्पैन को आयुक्त रेलवे संरक्षा की अनुमति थी। यह अनुमति हमें मिल गई है। बाकी छोटी-छोटी बाधाओं को आपसी सहमति से हम दूर कर लेंगे।
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