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किसानों को मुआवजा देने पर 'कन्फ्यूज' हैं अफसर!

Mon, 11 May 2015 12:27 AM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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एक हेक्टेयर से ज्यादा फसलों के नुकसान के एवज में किसानों को सिर्फ केंद्र से तय मुआवजा मिलेगा। केंद्र ने एक हेक्टेयर से ज्यादा और अधिकतम दो हेक्टेयर के नुकसान पर 27000 रुपये तक मुआवजे की रकम तय की है।
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वहीं प्रदेश सरकार एक हेक्टेयर तक के नुकसान पर ही किसानों को अतिरिक्त मदद करेगी। इस संबंध में जल्दी ही स्पष्टीकरण जारी करने की तैयारी है।

बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के मुआवजे के वितरण में कई तरह के द्वंद्व हैं। हाल ये है कि जिलों में डीएम और कमिश्नर के पास शासन की ओर से लिखित आदेश कुछ हैं और शासन से फील्ड में अमल के लिए उन्हें मौखिक निर्देश अलग-अलग मिल रहे हैं।

इस द्वंद्व में न सिर्फ राहत कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि मौखिक निर्देश पर काम कर रहे अफसर टेंशन में भी हैं। एक डीएम बताते हैं कि शासनादेश है कि किसानों को राज्य सरकार की ओर से केंद्र के समतुल्य सहायता दी जाए।
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लेकिन मौखिक तौर से कहा गया कि एक हेक्टेयर तक सिर्फ 18000 रुपये सहायता दी जाए। इससे समतुल्य का जीओ केंद्र की नई गाइडलाइंस के हिसाब से फिट ही नहीं हो रहा।

मुख्य सचिव ने कहा, जिलाधिकारियों को हैं स्पष्ट निर्देश

अब जनप्रतिनिधि और किसान समतुल्य मुआवजा देने का शासनादेश लेकर आते हैं और फील्ड में मुआवजा वितरण से जुड़े अफसरों पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हैं। मौखिक निर्देश से जुड़ा शासनादेश न होने से किसानों व जनप्रतिनिधियों को समझाना मुश्किल होता है। इसी तरह की मुश्किल आपदा में मौत पर मुआवजे को लेकर है।

मुख्य सचिव आलोक रंजन का कहना है कि जिलाधिकारियों को मुआवजा वितरण को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उसके हिसाब से मुआवजे का वितरण हो रहा है। जल्दी ही इस संबंध में स्पष्टीकरण भी जारी कर दिया जाएगा।

जिलाधिकारियों की चिंता यह भी है कि मुआवजा वितरण की मौजूदा कार्यवाही मौखिक आदेश पर चल रही है। कल कोई शिकायत हो या सीएजी के पास ब्यौरा पहुंचेगा तो वो इस पर सवाल उठा देगा।

फायदा की जगह नुकसान की आशंका
एक अन्य डीएम बताते हैं कि इतने बड़े पैमाने पर शायद ही कभी राहत देने की नौबत आई होगी। ऐसे में किसी तरह की धांधली की शिकायत न आए इसके लिए मुआवजा वितरण के दिशा-निर्देश स्पष्ट होने चाहिए जिससे लेखपाल भी पूछने पर बता सके कि वह किस आदेश से किस हिसाब से कितने मुआवजे का चेक बना रहा है। वरना, किसानों का हितैषी बनने की जगह नुकसान शुरू हो जाएगा।

केंद्र के साथ ही राज्य सरकार ने भी बदला मानक

पुराने मानक पर प्रदेश सरकार ने केंद्र के समतुल्य मदद का शासनादेश किया लेकिन केंद्र ने मानक बदला तो मौखिक निर्देश से मुआवजा वितरण की व्यवस्था में बदलाव कर दिया।

जब केंद्र का सिंचित क्षेत्र में 9000 रुपये की मदद का मानक था तब राज्य ने शासनादेश कर कहा कि केंद्र के समतुल्य मुआवजा दिया जाए। जब केंद्र ने मानक बदला और यह रकम 13500 रुपये कर दी तो मौखिक आदेश दिया गया कि 18 हजार तक मुआवजा बांटा जाए।

यानी केंद्र ने पुराने मानक में जितना पैसा बढ़ाया राज्य के हिस्से से उतना घट गया। शासनादेश व केंद्र के नए मानक में मौखिक निर्देश ने उलझन बढ़ा दी है।

मुख्य सचिव: जब केंद्र ने मानक नहीं बदला था तब प्रदेश सरकार किसानों को 18000 रुपये मुआवजा दे रही थी। इसके बाद केंद्र ने जब मानक बदला और सहायता राशि बढ़ाई तो भी सिंचित किसानों के लिए एक हेक्टेयर नुकसान पर 18000 रुपये की मदद बरकरार रखने का फैसला किया। इसी हिसाब से मुआवजा दिया जा रहा है।

प्रदेश के जिलाधिकारी पशोपेश में

केंद्र ने नए मानक में किसानों की मदद के लिए अधिकतम दो हेक्टेयर की सीलिंग लगाई है। एक हेक्टेयर से ऊपर वाले किसानों को 27 हजार रुपये तक मदद की जा सकती है।

प्रदेश सरकार का समतुल्य का शासनादेश है और एक हेक्टेयर से ऊपर वालों को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं हैं। ऐसे में डीएम पशोपेश में हैं कि एक हेक्टेयर से ऊपर वाले किसानों को सिर्फ केंद्र के मानक का मुआवजा दिया जाए या इसमें भी राज्य की ओर से समतुल्य वाली व्यवस्था लागू की जाए।

अथवा जिस फॉर्मूले पर एक हेक्टेयर तक वाले किसानों को केंद्र के साथ राज्य की ओर से अतिरिक्त मदद दी जा रही है, वही व्यवस्था अपनाई जाए।

मुख्य सचिव- एक हेक्टेयर से ऊपर वाले किसानों को केंद्र से तय मुआवजे की रकम अधिकतम 27 हजार रुपये दिलाई जाएगी। केंद्र ने जो मुआवजा तय किया है उसमें भी प्रदेश सरकार की 25 फीसदी हिस्सेदारी है।
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मृतक आश्रितों को मुआवजे पर दिशा-निर्देश नहीं

केंद्र के पुराने मानक में दैवी आपदा से मौत होने पर मृतक आश्रितों को 1.5 लाख रुपये मुआवजा देने की व्यवस्था थी। इस मानक पर राज्य सरकार ने ऐलान किया कि वह इसमें 3.5 लाख रुपये जोड़कर 5 लाख रुपये की सहायता पीड़ित परिवारों को देगी।

केंद्र की नई गाइडलाइंस में मृतकों के लिए मदद की राशि 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दी गई। लेकिन नया निर्देश जारी कर यह स्पष्ट नहीं किया गया कि केंद्र के नए मानक में भी 3.5 लाख रुपये मिलाकर 7.5 लाख रुपये दिया जाना है या अब भी पहले की तरह पांच लाख की ही मदद की जानी है।

मुख्य सचिव: केंद्र ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की रकम 1.5 लाख से बदलकर चार लाख की तब भी प्रदेश सरकार अपनी ओर से 3 लाख रुपये मिलाकर 7 लाख रुपये मुआवजा दिला रही है।
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