अटल बिहारी वाजपेई चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एके सिंह को दोबारा लोहिया संस्थान का कार्यवाहक निदेशक बनाया गया है। वह छह माह या निदेशक की नियुक्ति होने तक जिम्मेदारी संभालेंगे। इससे पहले उन्होंने तीन नवंबर को कार्यभार लिया था और 14 नवंबर को प्रो. एके त्रिपाठी के बहाल होने के बाद चार्ज छोड़ दिया था। अब प्रो. त्रिपाठी के इस्तीफा देने के बाद उन्हें फिर से जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जारी आदेश में कहा कि डॉ. त्रिपाठी का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद लोहिया के निदेशक का पद खाली हो गया है। इस समय तत्काल नियमित निदेशक नियुक्त किया जाना संभव नहीं है। ऐसे में डॉ. एके सिंह अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे।
21 माह से चल रही उठापटक
28 फरवरी 2019 को केजीएमयू हेमेटोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. एके त्रिपाठी लोहिया संस्थान के निदेशक बने। 23 जून को मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद उन्हें हटाया गया और डॉ. नुजहत हुसैन को चार्ज मिला। अक्तूबर में उन्होंने इस्तीफा दे दिया तो अटल बिहारी वाजपेई चिकित्सा विवि के कुलपति प्रो. एके सिंह ने तीन नवंबर को चार्ज लिया। शासन ने 13 नवंबर को प्रो. त्रिपाठी को बहाल किया तो 14 नवंबर को उन्होंने फिर चार्ज ले लिया। हालांकि, 21 नवंबर को उन्होंने इस्तीफा दे दिया, जिसे 22 को स्वीकार कर लिया गया। अब सोमवार को फिर से प्रो. एके सिंह को चार्ज सौंपा गया।