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प्रियंका गांधी की प्रेस वार्ता स्थगित, शहीदों को श्रद्घांजलि देकर कहा- दुखद वक्त में राजनीति नहीं

Thu, 14 Feb 2019 03:28 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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कांग्रेस कार्यालय में प्रियंका गांधी वाड्रा। - फोटो : amar ujala
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि वह परिवार के किसी सदस्य को खोने का दर्द अच्छी तरह से समझती हैं। उन्होंने कहा कि आतंकी हमले में हमारे जवान शहीद हुए हैं, इसलिए ऐसे मौके पर कोई राजनीतिक बात करना उचित नहीं है। उन्होंने जवानों को श्रद्धांजलि देने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थगित कर दी।

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प्रियंका ने बृहस्पतिवार शाम 7 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। उन्होंने प्रेस हॉल में संवाददाताओं के बीच आकर कहा, ‘पुलवामा आतंकी हमले में हमारे काफी जवान शहीद हुए हैं, इसकी वजह से हम यह अनुचित समझते हैं कि हम राजनीतिक चर्चा करें। मैं आप सबसे आग्रह करूंगी, रामलाल राही जी और अवतार सिंह भड़ाना जी से भी, जो हमारी पार्टी में शामिल होने आए हैं कि शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखें।’

प्रियंका ने कहा, ‘शहीद जवानों के परिवारों को कहना चाहूंगी कि आपका दर्द अच्छी तरह से समझती हूं। इस दुखद घड़ी में न सिर्फ कांग्रेस पार्टी, बल्कि एक-एक देशवासी आपके साथ है। बहादुर शहीद जवानों के परिवारों के साथ हम कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।’ उन्होंने चलते-चलते संवाददाताओं से यह भी कहा कि वे शीघ्र ही लखनऊ आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। इस दौरान कांग्रेस के पश्चिमी यूपी प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर, पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ भी उपस्थित रहीं।

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आतंकी घटनाएं रोकने को सरकार उठाए समुचित कदम 

प्रियंका ने कहा कि वह और कांग्रेस पार्टी कश्मीर में बढ़ते आतंकी हमलों और इनमें वीर जवानों की शहादत को लेकर काफी चिंतित हैं। केंद्र सरकार को आतंकी घटनाओं पर काबू पाने के लिए समुचित कदम उठाने चाहिए।  
 
घंटों की गई थी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की तैयारी
नवनियुक्त पार्टी महासचिव प्रियंका की यह पहली औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस थी। इसके लिए उनकी टीम ने घंटों तैयारी की थी। दिल्ली से भी पत्रकार बुलाए गए थे। दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय से मंथन किया गया था। निर्णय लिया गया था कि प्रियंका अपनी बात संक्षेप में रखेंगी और मीडिया के लोगों से संवाद ज्यादा करेंगी। सवालों के जवाब भी देंगी, लेकिन पुलवामा में आतंकी हमले के बाद राहुल गांधी से बातचीत की गई। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस स्थगित करने का फैसला किया गया, ताकि विरोधी पार्टियों को कुछ भी कहने का मौका न मिले। 

जिलाध्यक्ष के खिलाफ बगावत, पार्टी को कमजोर करने का आरोप
 प्रियंका के आने के बाद अब पार्टी कार्यकर्ता भी खुलकर आवाज बुलंद करने लगे हैं। बृहस्पतिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर आजमगढ़ से आए दर्जन भर पदाधिकारी व कार्यकर्ता अपने ही जिलाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इनमें महिला कार्यकर्ता भी थीं। प्रदर्शन करने वालों में शामिल पूर्व सैनिक विभाग के प्रदेश संयोजक प्रमोद कुमार सिंह, रीता देवी, प्रदीप यादव, मुरारी राय, ओंकार ने कहा, जिलाध्यक्ष नहीं चाहते कि कांग्रेस वहां मजबूत हो। हम सभी 10 फरवरी से वे लखनऊ में हैं, मगर जिलाध्यक्ष प्रियंका से मिलने के लिए हमारे नाम ही नहीं भेज रहा है। वहीं, आजमगढ़ के जिलाध्यक्ष हवलदार सिंह ने कहा कि जो लोग विरोध कर रहे हैं, वे बाहरी हैं। कोई जिला कमेटी का पदाधिकारी नहीं है।  
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