कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बाराबंकी के इसरौली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारे हमले किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी व उनकी सरकार भूल चुकी हैं कि सत्ता देने वाली जनता होती है।
उन्होंने कहा कि जब एक इंसान को सत्ता हासिल होती है तो उस सत्ता के मोह में उसे बहुत बड़ी गलतफहमी हो जाती है। वह सोचने लगता है कि वह सत्ता उसकी है। भूल जाता है कि सत्ता देने वाला कौन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री भूल चुके हैं कि सत्ता देने वाले आप लोग हैं।
बाराबंकी में जनसभा करने से पहले प्रियंका ने उन्नाव में रोड शो किया और कांग्रेस के लिए समर्थन मांगा। वहीं, बाराबंकी में वह देवा शरीफ की दरगाह पर भी गईं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
गफलत में रहा जिला प्रशासन, आधा घंटे तक रुका रहा रोड शो
रोड शो के दौरान प्रियंका गांधी को चौराहे पर रोक दिया गया। पुलिस व प्रशासन का तर्क था कि परमिशन दूसरे रास्ते की है। एसपीजी ने मौजूद सीओ के साथ अन्य अधिकारियों से बात की। फिर काफिला चला तो बिजली कट गई। इस पर प्रियंका गाड़ी से उतर गईं और सुरक्षा व्यवस्था को नजरंदाज कर पैदल ही चल पड़ीं।
इससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। करीब तीन सौ मीटर पैदल चलने के बाद वह गाड़ी पर बैठीं इस दौरान उनके चेहरे से गुस्सा साफ झलक रहा था।उन्होंने फजलुर्रहमान पार्क में नुक्कड़ सभा को भी नहीं सम्बोधित किया।
कांग्रेस ने पहले जिला प्रशासन से प्रियंका के रोड शो की अनुमति 26 अप्रैल की ली थी। इसमें शहर के धनोखर चौराहे से नाका सतरिख में जाने का उल्लेख था। मगर कार्यक्रम में बदलाव के बाद 27 अप्रैल को रोड शो की परमिशन ली गई।
इसमें धनोखर से घण्टाघर होते हुए फजलुर्रहमान पार्क में नुक्कड़ सभा की अनुमति ली गई थी। इन दो अनुमतियों के बीच जिला प्रशासन इस कदर गफलत में रहा कि जैसे ही प्रियंका का काफिला छाया चौराहे होते हुए नेबलेट होकर धनोखर तक पहुंचा और घण्टाघर की ओर जाने लगा तो पुलिस प्रशासन ने गाड़ी आगे लगा दी और कहा कि अनुमति नाका सतरिख होकर है।
इस पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अनुमति घण्टाघर होकर ली गई है। यही नहीं समाचार पत्रों में इसी कार्यक्रम का विज्ञापन भी प्रकाशित हुआ है।