उन्होंने कहा कि प्रदेश के किस लैब में रोज कितने टेस्ट हो रहे हैं। केजीएमयू समेत प्रदेश के अन्य टेस्टिंग लैब की प्रतिदिन क्षमता क्या है? यह आंकड़ा जनता के सामने रखना बहुत ही महत्वपूर्ण है। यह भी लिखा है कि उतर प्रदेश में पूल टेस्टिंग के नाम पर कई दर्जन लोगों के स्वाब एक ही किट द्वारा इकट्ठा हो रहे हैं। विशेषज्ञों ने इस प्रकिया के लिए सख्त नियम तय किए हैं। इनका सही पालन न होने से नुकसान हो सकता है। सरकार को पूल टेस्टिंग के इस्तेमाल में पूरी सावधानी लेनी चाहिए और इस बारे में जनता को जानकारी देनी चाहिए।
सुझाव दिया है कि क्वारंटीन केंद्रों में डब्लूएचओ द्वारा दिए गए दिशानिर्देशों का पालन करना बहुत ही महत्वपूर्ण है। इन केंद्रो पर भोजन और नाश्ता की उपलब्धता, स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा प्रतिदिन जांच और केंद्र की साफ-सफाई की रिपोर्ट जारी होनी चाहिए। क्वारंटीन केंद्रों की अवधि पूरी होने पर घर भेजने के बाद भी दुबारा जांच करने की योजना जनता को स्पष्ट की जाए।
भत्तों की कटौती पर प्रियंका ने सरकार को घेरा
प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकारी कर्मचारियों के भत्ते काटे जाने पर सरकार को घेरा है। उन्होंने ट्वीट करके कहा है कि सरकारी कर्मचारियों का डीए किस तर्क से काटा जा रहा है। जबकि, इस दौर में उन पर काम का दबाव कई गुना हो गया है। दिन-रात सेवा कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों और पुलिसकर्मियों का भी डीए कटने का क्या औचित्य है? तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इससे बहुत कष्ट है। पेंशन पर निर्भर लोगों को यह चोट क्यों मारी जा रही है?
प्रियंका ने आगे कहा कि सरकारें अपने अनाप-शनाप खर्चे क्यों नहीं बंद करतीं। सरकारी व्यय में 30 प्रतिशत कटौती क्यों नहीं घोषित की जाती। सवा लाख करोड़ रुपये की बुलेट ट्रेन परियोजना, 20,000 करोड़ रुपये की नई संसद भवन परियोजना जैसे गैरजरूरी खर्चों पर रोक क्यों नहीं लगती।