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Lucknow News: निजी कर्मियों ने अफसरों से पूछा, भ्रष्ट थे तो अब तक क्यों नहीं की कार्रवाई

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लखनऊ। परिवहन विभाग से निजी एजेंसी के 320 निजी कर्मचारियों को बाहर निकालने का मुद्दा शनिवार दिनभर सुर्खियों में रहा। कर्मचारियों ने दलालों से सांठगांठ के आरोपों की अब तक जांच न कराने समेत कई मुद्दों पर अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। कर्मियों ने इस संबंध में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से शिकायत कर अधिकारियों को कठघरे में खड़ा किया है।
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दरअसल, परिवहन विभाग में ड्राइविंग लाइसेंस बनने से लेकर प्रिंटिंग तक की जिम्मेदारी सेवा प्रदाता कंपनी के पास है। कंपनी से जुड़े कर्मी यह काम करते हैं। हाल ही में आरटीओ प्रशासन संजय तिवारी ने परिवहन आयुक्त किंजल सिंह को पत्र लिखकर दलालों से सांठगांठ व अन्य कई गंभीर आरोप लगाते हुए इन कर्मियों को हटाने की मांग की थी। इस पर परिवहन आयुक्त ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से इन्हें हटाने के निर्देश जारी कर दिए। आयुक्त ने सेवा प्रदाता कंपनियों को निर्देश दिया है कि कर्मचारियों को रखने से पूर्व उनका पुलिस सत्यापन करवाएं और उनका जिला बदलें। हालांकि, ऐसे आदेश पर सवाल उठाने पर परिवहन आयुक्त जवाब नहीं दे रही हैं।
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कर्मचारियों ने उठाए ये सवाल



दलालों से सांठगांठ थी तो अफसर अब तक क्यों चुप रहे
स्मार्ट चिप पर मेहरबानी, क्यों नहीं इसे ब्लैकलिस्ट किया गया
बताएं किसने, कब और कहां शिकायतें की
एक दशक तक भ्रष्ट कर्मियों के साथ क्यों काम कराते रहे अफसर
अधिकारी बताएं कि कितने बाहरी दलाल पकड़े गए और कितनों पर कार्रवाई हुई
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