आम शहरी की थाली में महंगाई की आग लगना एक बार फिर से शुरू हो गई है। पिछले एक महीने में अधिकांश किराना मैटेरियल और टमाटर, आलू जैसी सब्जियों के दाम में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
कुछ समय पहले तक थोड़ा सस्ती हुई अरहर की दाल एक बार फिर से 200 रुपये किलोग्राम के आंकड़े तक पहुंच सकती है।
बाजार में पहुंचने वाले ग्राहक अचानक बढ़े दामो को लेकर अचंभित हैं। शहर में किराना और सब्जी के भावों की बात करें तो किराना ने अधिक झटका दिया है।
विभिन्न बाजारों के सर्वे के बाद ये सामने आया कि सब्जी में मुख्य रूप से फिलहाल टमाटर और आलू के दाम कुछ अधिक बढ़े हैं। बाकी सब्जियों के दामों में बहुत ही हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई सब्जियां तो पिछले महीने के दाम के बराबर ही हैं। मगर किराना बाजार ने बहुत अधिक तेजी पकड़ी है।
अलग-अलग बाजार में क्या है दाम
किराना पदार्थ--दाम 15 मई को--दाम 15 जून को
अरहर दाल (पुखराज)--130 से 140--160 से 190
अरहर दाल--119 से 126--130 से 150
चना--60 से 70--70 से 90
चना दाल--80 से 90--110 से 125
मूंग धुली--80 से 90--125 से 130
चीनी--36 से 38--42 से 45
उड़द--120 से 140--160 से 180
रिफाइंड--75 से 80--80 से 85
डालडा--68 से 70--70 से 75
मसूरी चावल--25 से 28--30 से 35
बासमती चावल--60 से 70--100 से 120
(पांडेयगंज किराना बाजार पर आधारित दरें)
यहां पर ये है सब्जियों का दाम
सब्जी--किग्रा में (15 मई को दाम)--किग्रा में (15जून को दाम)
टमाटर--30--60
आलू--25--20
प्याज--12--08
घुइयां--40--40
भिंडी--30--40
तुरई--25--30
लौकी--20--20
बैगन--20--30
परवल--45 से 60--50 से 60
कटहल--30--20
(राजीजीपुरम ई ब्लॉक सब्जी मंडी के भाव)
यहां फर्क तो है पर ज्यादा नहीं
demo pic
- फोटो : अमर उजाला
सब्जी--किग्रा में (15 मई को दाम)--किग्रा में (15 जून को दाम)
टमाटर--40 रुपया--60 रुपया
आलू--15 रुपया--20 रुपया
प्याज--10 रुपया--08 रुपया
लौकी--30 रुपया--30 रुपया
कद्दू--30 रुपया--30 रुपया
तुरई--25 से 30--25 से 30
बैंगन--35 से 40--40 रुपये
परवल--45 से 60--50 से 60
भिंडी--20 से 30--30 से 35 रुपये
(टेढ़ी पुलिया सब्जी मंडी के भाव)
बढ़ते दामों का कारण जमाखोरी नहीं
महंगाई पर लखनऊ व्यापार मंडल के कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र कुमार अग्रवाल का कहना है कि दलहन के घटते एवं बढ़ते दाम के लिए सिंडीकेट का कमाल है।
यानी वायदा कारोबार का असर है जिससे अरहर दाल, चना दाल, काबुली चना आदि के रोजाना दाम घटते कम और बढ़ते अधिक है। केंद्र सरकार दाल के बढ़ते दाम का कारण जमाखोरी बता रही जो सही नहीं।
आलू, टमाटर की आवक घटी
वहीं लखनऊ सब्जी एवं फल व्यापार मंडल के महामंत्री नजमुद्दीन राइनी का कहना है कि इस साल बीमारी के चलते पहले ही आलू का उत्पादन घटा।
जो आलू था उसका स्टोर में भंडारण हो गया। जिसके चलते आलू की कीमत बढ़ रही। लोकल टमाटर की आवक थमने के कारण दूसरे राज्यों से उसकी सप्लाई हो रही। टमाटर की लागत बढ़ने के कारण उसकी कीमत बढ़ रही है।