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अमित के बयान पर बौखलाईं माया, कहा EC लगाए प्रतिबंध

Mon, 05 May 2014 12:09 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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सोमवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मायावती जमकर अपने विरोधी दलों पर बरसीं।
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उन्होंने सबसे पहले भाजपा के अमित शाह पर निशाना साधा। कहा, अमित ने जो आजमगढ़ में बयान दिया है, उसकी मैं निंदा करती हूं।

उन्होंने कहा कि आजमगढ़ में रमाकांत यादव के भाई को बसपा ने ही गिरफ्तार करवाया था।

मायावती ने चुनाव आयोग से मांग की कि अमित शाह पर पहले की तरह ही यूपी में आने पर रोक लगा दी जाए।

मायावती यही नहीं रुकीं। उन्होंने सपा के नेता अबू आजमी पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। कहा, मुस्लिमों का डीएनए टेस्ट की बजाय अबू अपना डीएनए टेस्ट कराएं।

क्या कहा था अमित और आजमी ने

मायावती का यह जवाब आजमी और अमित पर यूं ही नहीं आया। असल में रविवार को आजमगढ़ के मनिकागढ़ गांव में एक चुनावी सभा में भाजपा के यूपी प्रभारी अमित शाह ने कहा था कि सपा और बसपा ने वीरों की भूमि को आतंक का गढ़ बना दिया।

उन्होंने कहा था कि आईएम ने देश में 12 बम ब्‍लास्ट किए, एक ब्लास्ट गुजरात में भी हुआ लेकिन गुजरात पुलिस ने सभी को धर दबोचा, इसमें आजमगढ़ के भी आतंकी थे। अब यूपी सरकार आतंकवादियों को छोड़ना चाहती है।

वहीं सपा के नेता अबू आजमी ने पिछले दिनों संतकबीरनगर में कहा था कि जो मुस्लिम सपा को वोट नहीं करेगा, उसका डीएनएन टेस्ट करो, वह सच्चा मुसलमान हो ही नहीं सकता है।

चुनाव आयोग की दी राय

मायावती ने अबू आजमी और अमित शाह पर प्रतिबंध लगाने की मांग के अलावा चुनाव आयोग को राय भी दी।

उन्होंने कहा कि आयोग को चाहिए कि अब यूपी और बिहार में जिन सीटों पर चुनाव होने हैं, वहां सुरक्षा की कड़ी व्यवस्‍था की जाए।

मायावती ने कहा, अब तक जिन सीटों पर चुनाव हुए हैं, संतोषजनक नहीं रहे हैं, आयोग को चाहिए कि बूथों पर अर्द्धसैनिक बल को तैनात किया जाए।

बसपा प्रमुख ने कहा कि यूपी पुलिस को चुनाव से दूर ही रखा जाए, खासकर आजमगढ़ में ऐसा जरूर हो।

मोदी-मुलायम की रैली पर बोलीं मायावती

मायावती ने सोमवार को फैजाबाद में होने वाली सपा और भाजपा की रैली पर भी निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि विवादित स्‍थल का केस अभी कोर्ट में लंबित है और रैली करने जा रहे महारथियों को उस पर कुछ भी बोलने से बचना चाहिए।

मायावती ने मोदी और मुलायम का नाम लिए बिना ही कहा, दोनों महारथी इतिहास के बारे में कुछ नहीं जानते हैं, वे दोनों ही कच्चे हैं।

उन्होंने कहा, मुझे पता है कि वे कुछ बोलेंगे, इसलिए मैं यह कहना चाहती हूं कि वे विवादित स्‍थल पर कोई टीका-टिप्पणी न करें क्योंकि इससे सांप्रदायिक तनाव फैल सकता है, और अगर ऐसा हुआ तो हिंदू-मुस्लिम इन दोनों को कभी माफ नहीं कर पाएंगे।

सपा खुद को मुस्लिमों की हितैषी कहती है लेकिन अयोध्या में ढांचा गिरवाने वाले कल्याण सिंह के साथ चुनाव लड़ा, एमपी बनाया। सपा कभी मुस्लिम की नहीं हो सकती।
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किया पार्टी सदस्यों को आगाह

मायावती ने अपने पार्टी सदस्यों को आगाह करते हुए कहा कि विरोधी पार्टियां उन्हें बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती हैं।

पार्टियां उनके बारे में, कांशीराम के बारे में किसी भी तरह की डीवीडी, सीडी जारी कर कार्यकर्ताओं को गुमराह कर सकती हैं।

मायावती ने कहा कि खासकर मुस्लिम वर्ग को बसपा से अलग करने के लिए विरोधी पार्टियां कुछ भी कर सकती हैं, लेकिन इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है।
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