लखनऊ में लोकभवन में डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र के शिलान्यास कार्यक्रम में राष्ट्रपति
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा व मार्गदर्शन में बीते सात सालों में देश में बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की स्मृतियों को जीवंत बनाया गया है। इसी कड़ी में लखनऊ में डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक और सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। प्रयास किया जाएगा कि केंद्र का समयबद्ध निर्माण कर जल्द उद्घाटन किया जाए। उन्होंने कहा कि भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में वंचितों, दलितों, उपेक्षितों तथा अंतिम पायदान के व्यक्ति के उत्थान की बात होगी तो डॉ. आंबेडकर का नाम श्रद्धा एवं सम्मान के साथ लिया जाएगा। सीएम ने कहा कि डॉ. आंबेडकर विपरीत परिस्थितियों में उच्च शिक्षा ग्रहण कर देश की सेवा के लिए आगे आए।
आज का दिन इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि, आज ही के दिन 29 जून 1928 को बाबा साहब ने समतामूलक समाज की स्थापना और देश की आजादी की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए ‘समता’ नामक साप्ताहिक समाचार पत्र का शुभारंभ किया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयास से मध्य प्रदेश स्थित उनका जन्म स्थान महू छावनी, नागपुर में उनकी दीक्षा भूमि, दिल्ली स्थित महापरिनिर्वाण स्थल, मुंबई में चैत्य-भूमि तथा लंदन का वह घर जहां ब्रिटेन में रहते हुए उन्होंने अपनी पढ़ाई की। इन स्थलों को पंच तीर्थ के रूम में विकसित किया गया है।
शिक्षा परिवर्तन का माध्यम : राज्यपाल
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि शिक्षा परिवर्तन का माध्यम है। यह जीविका कमाने के साथ ही राष्ट्र निर्माण में योगदान देने में भी सहायक होती है। सांस्कृतिक केंद्र के शिलान्यास को गर्व का विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि बाबा साहब का जीवन संघर्ष और उपलब्धियों की गाथा है। बाबा साहब द्वारा गढ़े गए संविधान से मिले कवच से देश के सभी लोग खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहब चाहते थे कि शिक्षा शोषित और वंचित लोगों के जीवन में प्रकाश लाए।
राष्ट्र की चेतना व दिशा तय की : तिवारी
पर्यटन मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि बाबा साहब ने राष्ट्र की चेतना एवं दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने प्रदेश में धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों की जानकारी भी दी।
ये प्रमुख लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह, अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लालजी प्रसाद निर्मल, मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी सहित अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
सांस्कृतिक केंद्र की खासियत
युवा पीढ़ी को बाबा साहब के आदर्शों से परिचित कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार की ओर से ऐशबाग लखनऊ में डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण प्रेरणा स्थल के रूप में कराया जा रहा है। इस स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र में बाबा साहब के दर्शन एवं विचारों, शिक्षाओं तथा देश के नवनिर्माण में उनके योगदान पर शोध करने के लिए एक संदर्भ पुस्तकालय एवं संग्रहालय भी स्थापित किया जा रहा है। 1.34 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस केंद्र के निर्माण के लिए भूमि का चयन हो गया है। इसमें प्रवेश द्वार के ठीक सामने 25 फीट ऊंची डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। बाबा साहब की पवित्र अस्थियों का कलश भी दर्शनार्थ रखा जाएगा। सांस्कृतिक केंद्र में पुस्तकालय, शोध केंद्र, अत्याधुनिक प्रेक्षागृह, आभासी संग्रहालय, डॉरमेट्री, कैफेटेरिया, भूमिगत पार्किंग एवं अन्य जनसुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।