बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि हमने एनडीए के राष्ट्रपति चुनाव की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा हमने यह फैसला न तो भाजपा या एनडीए के समर्थन में और न ही विपक्ष के खिलाफ बल्कि अपनी पार्टी और आंदोलन को ध्यान में रखते हुए लिया है।
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को राजधानी लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान मायावती ने राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्ष की बैठक में बसपा को न बुलाए जाने पर हमला बोला। मायावती ने कहा कि हमें सरकार और विपक्ष ने अलग-थलग रखा। राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष का षड्यंत्र देखने को मिला। हम यह साफ कर देना चाहते हैं कि हमारी पार्टी ने आदिवासी समाज को अपने मूवमेंट का खास हिस्सा मानते हुए द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए अपना समर्थन देने का निर्णय लिया है।
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उन्होंने कहा कि हमारा यह फैसला न तो भाजपा या एनडीए के समर्थन में है और न ही विपक्ष के खिलाफ। हम अपनी पार्टी और आंदोलन को ध्यान में रखते हुए एक आदिवासी समाज की योग्य और कर्मठ महिला को देश की राष्ट्रपति बनाने के पक्ष में हैं।
We've decided to support NDA's Presidential election candidate Droupadi Murmu. We've taken this decision neither in support of BJP or NDA nor against opposition but keeping our party and movement in mind: BSP chief Mayawati pic.twitter.com/7QXbnVNXNj
मायावती ने कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए एक विपक्षी उम्मीदवार का चयन करने के लिए 15 जून को बुलाई थी और केवल चयनित पार्टियों को आमंत्रित किया इसके साथ ही जब शरद पवार ने 21 जून को एक बैठक बुलाई, तो बसपा को भी आमंत्रित नहीं किया गया था। यह उनके जातिवाद के उद्देश्यों को दर्शाता है।