अधिकारियों का मानना है कि अगर एक ही एजेंसी सभी प्रक्रियाएं पूरी करेगी तो उससे काफी आसानी होगी। सिपाही भर्ती की तरह ही जेल बंदी रक्षक और फायरमैन के पदों के लिए भी पूरी प्रक्रिया टीसीएस को सौंपी जाएगी। हालांकि, आधिकारिक तौर पर कोई भी अधिकारी इस पूरे मामले में अभी कुछ नहीं बोल रहा है।