मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 25 मार्च को जब लगातार दूसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे, उसके साक्षी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ भाजपा शासित 12 राज्यों के मुख्यमंत्री और पांच उप मुख्यमंत्री भी बनेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में योग गुरु बाबा रामदेव, विभिन्न मठों और मंदिरों के महंत भी मौजूद रहेंगे। यूपी में उद्योग स्थापित करने वाले और उद्योग संचालित करने वाले सभी प्रमुख उद्योगपतियों को भी आमंत्रित किया गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री और यूपी के पर्यवेक्षक अमित शाह आज लखनऊ पहुंच रहे हैं। यहां वे 24 मार्च को विधायक दल की बैठक में हिस्सा लेंगे, जिसमें योगी आदित्यनाथ को औपचारिक रूप से विधायक दल का नेता चुन लिया जाएगा। सभी विधायक उनके नाम पर सहमति जताएंगे और 25 मार्च को योगी आदित्यनाथ यूपी के सीएम पद की दूसरी बार शपथ लेंगे।
भाजपा के लखनऊ प्रभारी गोविंद नारायण शुक्ला ने बताया कि समारोह के लिए लखनऊ के 130 चौराहों पर सजावट और प्रमुख मार्र्गों पर लाइटिंग की जा रही है। वहीं, अमौसी एयरपोर्ट से इकाना स्टेडियम और स्टेडियम से भाजपा प्रदेश मुख्यालय तक मार्ग को पार्टी के झंडे, बैनर, फूल मालाओं से सजाया जाएगा।
विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए दूसरे प्रदेशों से आए ढाई हजार कार्यकर्ताओं को भी समारोह के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। उनके आने-जाने के साथ उनके आवास की व्यवस्था भी की जाएगी।
शपथ ग्रहण समारोह की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, उसकी तैयारियां भी तेज हो गई हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। समारोह स्थल इकाना स्टेडियम और आसपास ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। वहीं स्टेडियम के आसपास एटीएस के कमांडो और ऊंची इमारतों पर सशस्त्र पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी। अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था एसपीजी के दिशा-निर्देशों के मुताबिक की जा रही है। वीवीआईपी और वीआईपी के लिए अलग से सुरक्षा खाका तैयार किया जा रहा है। बुधवार को सभी तरह के सुरक्षा प्रबंधों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। कार्यक्रम में आने वाले वीवीआईपी के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग गेट की व्यवस्था की गई है। जबकि अन्य लोगों के लिए अलग व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि भाजपा की ओर से समारोह में 70 हजार से अधिक लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है।
वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए शहीद पथ को आम लोगों के लिए बंद रखा जाएगा। इससे गुजरने वालों को किसान पथ और दूसरे रास्तों से डायवर्ट कराया जाएगा। इसके लिए लखनऊ पुलिस अलग से डायवर्जन रूट तैयार कर रही है।
डीजीपी मुख्यालय शपथग्रहण समारोह के लिए 10 आईपीएस अधिकारी, 15 अपर पुलिस अधीक्षक, 8 कंपनी पीएसी, 5 कंपनी केंद्रीय अर्धसैनिक बल और 350 यातायात पुलिस उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा लखनऊ पुलिस में तैनात आईपीएस व पीपीएस अधिकारियों की ड्यूटी भी शपथग्रहण समारोह स्थल पर लगाई जाएगी।
मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने मंगलवार को शपथग्रहण समारोह स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मातहतों को साफ-सफाई, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए निर्देश दिए। समारोह में शामिल होने वालों के लिए जो पास जारी किए जा रहे हैं, उस पर प्रवेश के लिए गेट नंबर अंकित होगा।