कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने देश पहले पहले राष्ट्रपति रहे डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती को ‘कृषि शिक्षा दिवस’ के रूप में मनाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय एवं कृषि विज्ञान केन्द्रों में किसानों के लिए कल्याणकारी योजनाओं के बारे में किसानों को जागरूक करने पर जोर देते हुए गोष्ठियां आयोजित करने को कहा है। किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की हिदायत देते हुए कृषि मंत्री ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।
कृषि मंत्री बृहस्पतिवार को विधान सभा स्थित एपीसी सभागार में विभागीय क्रियाकलापों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने किसान हित को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए अधिकारियों को विभाग की सभी योजनाओं का लाभ किसानों को दिलाने का निर्देश दिया है। इस मौके पर अपर मुख्य सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने मंत्री केसमक्ष विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में प्रगति रिपोर्ट रखी। बैठक में कृषि राज्य मंत्री लाखन सिंह राजपूत व कृषि निदेशक एपी श्रीवास्तव समेत विभाग सभी अधिकारी मौजूद थे।
राजेन्द्र प्रसाद को दी श्रद्धांजलि
इससे पूर्व कृषि मंत्री ने देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया। डॉ. प्रसाद को याद करते हुए कृषि मंत्री ने कहा संविधान सभा का अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने संविधान में पीड़ित, वंचितों और असहायों को न्याय दिलाने के लिए ऐसे कानूनों का प्राविधान किया है जो सभी के लिए मार्गदर्शक ही नहीं बल्कि उपयोगी और सहायक भी है। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है।