उत्तर प्रदेश में टेली रोबोटिक सर्जरी शुरू करने की तैयारी
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ऐसे काम करती है यूनिट
यह आधुनिक मोबाइल सर्जिकल यूनिट बस की तरह होती है। टेली सिंक मोबाइल यूनिट में एसएसआई मंत्रा सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम, हाई-स्पीड टेलीकम्युनिकेशन एंड सेटेलाइट कनेक्टिविटी और आधुनिक सर्जिकल रोबोटिक्स शामिल होते हैं, जो रिमोट एंड ऑन-साइट सर्जिकल टीम के बीच रियल टाइम सहयोग देती है। इसके जरिये सर्जन कम समय में दूर से ही रोबोट की मदद से सर्जरी कर सकता है। जिस तरह से बस में सभी तरह के सिस्टम लगे होते हैं उसी तरह से अस्पताल में भी सिस्टम लगाया जाता है। दोनों सिस्टम को सेटेलाइट के जरिये जोड़ा जाता है।
प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी की स्थिति
प्रदेश में सरकारी क्षेत्र में पहला रोबोट एसजीपीजीआई में 2019 में खरीदा गया था। अब केजीएमयू में भी आ गया है। जबकि लोहिया और कैंसर संस्थान सहित अन्य संस्थानों में रोबोट खरीदने की तैयारी है। तीन कॉरपोरेट अस्पतालों में रोबोट के जरिये सर्जरी हो रही है। प्रदेश में हर माह करीब 80 से 100 मरीजों की रोबोटिक सर्जरी हो रही है।