लखनऊ। प्रदेश में महिला क्रिकेट प्रोत्साहन के लिए जिलेवार प्रयास जारी हैं। इस कड़ी में लखनऊ पहली महिला प्रीमियर लीग का आगाज करने जा रहा है। यह प्रदेश में किसी जिले की पहली महिला क्रिकेट लीग होगी। यूपी क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) से मान्यता प्राप्त इस लीग का आयोजन क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ (सीएएल) के निर्देशन में होगा। 23 से 28 सितंबर तक प्रस्तावित लीग में छह टीमों के बीच श्रेष्ठता की जंग होगी।
लीग के लिए 15 सितंबर को 1090 चौराहा स्थित सेज ग्राउंड में ट्रायल आयोजित किए जाएंगे। इसमें 200 से अधिक महिला क्रिकेटर शामिल होंगी। ट्रायल में प्रदर्शन के आधार पर 130-140 खिलाड़ियों का पूल तैयार करके उनके बीच ऑक्शन होगा। इसके बाद छह टीमें तैयार की जाएगी। प्रत्येक टीम में 20 खिलाड़ियों को शामिल किया जाएगा।
इन टीमों में अन्य जिलों से दो खिलाड़ियों को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा, ताकि लीग के आकर्षण को बढ़ाया जा सके। सीएएल के अध्यक्ष और लीग के चेयरमैन डॉ. नवनीत सहगल ने बताया कि महिला क्रिकेट लीग लखनऊ ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में महिला क्रिकेट के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण और नई पहल है।
अभी तक उत्तर प्रदेश में पुरुष खिलाड़ियों के लिए यूपी टी-20 जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित होती रही हैं, लेकिन पहली बार लखनऊ महिला खिलाड़ियों के लिए इस स्तर की टी-20 प्रतियोगिता का आयोजन कर एक नया कदम आगे बढ़ा रहा है। लीग के माध्यम से स्थानीय खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक क्रिकेट का अनुभव मिलेगा और उन्हें भविष्य में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए मजबूत मंच प्राप्त होगा। लीग की उपायुक्त और आयोजन सचिव प्रियंका शैली ने बताया कि प्रतियोगिता के प्रारंभिक मुकाबले सेज क्रिकेट ग्राउंड पर होंगे।
यहां महिला खिलाड़ियों को डे-नाइट टी-20 क्रिकेट के माध्यम से अपनी प्रतिभा और खेल कौशल दिखाने का अवसर मिलेगा। सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले केडी सिंह बाबू स्टेडियम में फ्लड लाइट की रोशनी में खेले जाएंगे।
...पर पुरुष लीग के मामले में अब तक तस्वीर साफ नहीं
वर्ष 2024 में क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ (सीएएल) ने जोर-शोर के साथ पुरुष क्रिकेटरों के लिए लखनऊ प्रीमियर लीग (एलपीएल) की घोषणा की। दो साल योजना बनाने में लग गए। इस साल की शुरुआत में शहर के एक बड़े होटल में छह फ्रेंचाइजियों की मौजूदगी में धूम-धड़ाके साथ ऑक्शन भी हुआ। नीलामी के दौरान बाहरी खिलाड़ियों को ज्यादा मौका दिए जाने पर विवाद शुरू हो गया। मामला यूपीसीए तक पहुंचा, जहां से निर्देश मिला कि लीग में भाग ले रही एक टीम में अधिकतम दो बाहरी खिलाड़ियों को शामिल किया जा सकता है।
g इस फैसले के विरोधस्वरूप दो-तीन फ्रेंचाइजियों ने अपने हाथ खींच लिए और लीग ठंडे बस्ते में चली गई। इस दौरान अयोध्या क्रिकेट लीग में खिलाड़ियों से कथित तौर पर भारी फीस वसूलने और लीग में ऑनलाइन सट्टेबाजी/अनियमितताओं के चलते यूपीसीए ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी शहरों की लीग पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी।
g इस बारे में क्रिकेट एसोसिएशन लखनऊ (सीएएल) के सचिव केएम खान ने बताया कि जब तक यूपीसीए से लीग को लेकर मंजूरी नहीं मिल जाती तब तक कुछ नहीं किया जा सकता है। हालांकि लीग को लेकर अब नए सिरे से प्रयास करने होंगे, क्योंकि कुछ फ्रेंचाइजियों ने लीग से अपने हाथ खींच लिए हैं। इसमें थोड़ा समय लग सकता है। यूपीसीए से अनुमति मिलने के तुरंत बाद लीग की तैयारी शुरू कर दी जाएगी।