वर्ष 2016 नेशनल गेम्स की मेजबानी के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कमर कसनी शुरू कर दी है।
इस सिलसिले में मंगलवार को प्रदेश के मुख्य सचिव जावेद उस्मानी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें 15 दिनों के भीतर विस्तृत खाका तैयार करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में गेम्स की 36 स्पर्धाओं को राजधानी लखनऊ के साथ सैफई, कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी और नोएडा में आयोजित करने पर भी मुहर लगाई गई।
उत्तर प्रदेश खेल इतिहास में यह तीसरा मौका होगा, जब यहां नेशनल गेम्स का आयोजन हो सकता है। इससे पहले 1930 में इलाहाबाद और 1948 में लखनऊ में खेल हुए थे।
ये खेल होंगे शामिल
बैठक को संबोधित करते हुए जावेद उस्मानी ने कहा कि खेलों के अंतर्गत लखनऊ में जिम्नास्टिक, हैंडबॉल, नेटबॉल, वुशू, एथलेटिक्स, हॉकी, साईकिलिंग, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, स्क्वैश, शूटिंग, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, सेपक टाकरा, ताइक्वांडो, फेंसिंग, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, आर्चरी, टेनिस, धुड़दौड़, सैफई में वाटरपोलो, एक्वटिक, जूडो, कुश्ती, कराटे, टाइथलॉन, बेसबॉल, कानपुर में फुटबॉल, वाराणसी में कबड्डी, खो खो, बीच वॉलीबॉल, बीच हैंडबाल और नोएडा में गोल्फ का आयोजन किया जाएगा।
15 दिनों तक चलने वाले खेलों के इस महाकुंभ में 6724 एथलीट, 1630 टेक्निकल ऑफीशल, 1391 मीडिया पर्सन और 169 इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) के डेलीगेशन के भाग लेने की संभावना है।
बैठक में उत्तर प्रदेश ओलंपिक एसोसिएशन के महासचिव आनंदेश्वर पांडेय ने बताया कि मणिपुर, असम, तमिलनाडु और नवनिर्मित झारखंड जैसे छोेटे राज्य गेम्स का सफलता से आयोजन कर चुके हैं।
कितना आएगा खर्च?
इसके अलावा अगले साल केरल भी गेम्स का आयोजन कर रहा है। यूपी में खेलों का ढांचा खड़ा करने के लिए अपग्रेडेशन और नवनिर्माण में लगभग 488.5 करोड़ एवं अन्य मदों में 227.65 करोड़ रुपए खर्च होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि जहां तक इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) में बिड करने का सवाल है, तो हमें मौखिक रूप से यूपी में नेशनल गेम्स के आयोजन की संस्तुति मिल गई है।
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यदि राज्य सरकार की ओर से तैयारी पूरी हो जाए, तो मेजबानी हासिल करने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। इस अवसर पर प्रमुख सचिव खेल चन्द्र प्रकाश ने नेशनल गेम्स की तैयारियों के संदर्भ में अपनी प्रस्तुति दी।
मौके पर खेल निदेशक एसके सिंह के साथ वित्त विभाग, नगर विकास, लोक निर्माण, चिकित्सा, स्वास्थ्य, पर्यटन, आवास, ऊर्जा, नियोजन और परिवहन विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे।
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