लखनऊ। नगर निगम अब प्रमुख मार्गों के बाद गली-मोहल्लों की सफाई का काम भी निजी कंपनी रामकी को सौंपने की तैयारी कर रहा है। फिलहाल रामकी 110 में से 77 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और मुख्य मार्गों की सफाई कर रही है। विरोध के चलते अब तक उसे पूरा काम नहीं मिल पाया है। अब नगर निगम प्रशासन कार्यदायी संस्थाओं को हटाकर सफाई का पूरा जिम्मा रामकी को देने का प्रस्ताव सदन में ला रहा है। चार सितंबर को प्रस्तावित सदन की बैठक में इस पर जोरदार हंगामे के आसार हैं।
बीते साल 28 फरवरी की नगर निगम बैठक में रामकी को झाड़ू लगाने का काम देने पर पार्षदों के विरोध से धक्का-मुक्की और मारपीट तक हो गई थी। टिप्पणी से नाराज होकर नगर आयुक्त ने भी आपा खो दिया था। इसके बाद कंपनी को गली-मोहल्लों में सफाई का जिम्मा नहीं दिया गया। जनवरी 2023 में भी भाजपा के 56 पार्षदों ने एकजुट होकर निजी कंपनी को सफाई का काम देने का विरोध किया था। यही कारण है कि फिलहाल केवल मुख्य मार्गों पर ही मशीनों से सफाई का काम कंपनी कर रही है।
पार्षद बोले- डोर-टू-डोर कलेक्शन ही सही से नहीं
पार्षदों का कहना है कि रामकी अभी तक डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और पड़ाव घरों से उठान का काम भी ठीक से नहीं कर पा रही है, ऐसे में उसे गली-मोहल्लों की सफाई का जिम्मा सौंपना गलत होगा।
काम में लापरवाही पर लायन कंपनी पर 5 लाख जुर्माना
इधर, अपर नगर आयुक्त डॉ. अरविंद राव ने शनिवार को विद्यावती प्रथम और द्वितीय वार्ड का निरीक्षण किया। यहां जगह-जगह कूड़ा पड़ा मिला, नालियां चोक थीं और झाड़ू भी नहीं लगी थी। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में 170 गाड़ियां लगनी चाहिए थीं, मगर मौके पर केवल 140 मिलीं। नियमित कलेक्शन न होने पर लायन एनवायरो कंपनी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना ठोका गया और नोटिस भी जारी किया गया।