... तो अब रिवर फ्रंट स्टेडियम में उतरेंगे हेलीकॉप्टर
- फोटो : amar ujala
लखनऊ में गोमती नदी के किनारे जब रिवर फ्रंट विकसित किया जा रहा था, तब 21 करोड़ रुपये खर्च कर यहां स्टेडियम बनाया गया। अब पर्यटन विभाग ने स्टेडियम को हेलीकॉप्टर जॉयराइड प्रोजेक्ट के लिए मांगा है। सिंचाई विभाग और एलडीए को लिखे पत्र में कहा गया है कि इस मैदान का खेल के लिए तो उपयोग हो नहीं रहा, ऐसे में इसे हेलीपोर्ट बनाने के लिए दे दिया जाना चाहिए।
अपर मुख्य सचिव एवं महानिदेशक पर्यटन विभाग अवनीश कुमार अवस्थी ने इसके लिए एक पत्र प्रमुख सचिव सिंचाई टी वैंकटेश और वीसी एलडीए प्रभु एन सिंह को भेजा है। पत्र में कहा गया है कि लखनऊ में लोहिया पार्क पर 1090 चौराहा से आगे लामार्ट कालेज के पीछे की तरफ नदी किनारे बनाए गए छोटे क्रिकेट ग्राउंड का उपयोग खेलों के लिए नहीं होता है।
लंबे समय से कोई खेलकूद की गतिविधि यहां नहीं हुई। ऐसे में यह जमीन हेलीकॉप्टर जॉयराइड के लिए बिल्कुल उपयुक्त है। यहां मौजूद 11404 वर्गमी जगह गोलाकार भूखंड में है, जोकि हेलीपोर्ट के लिए बिल्कुल सही होगी। वीसी ने जहां अब उपनिदेशक उद्यान से इस पर रिपोर्ट मांगी है।
वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हमसे केवल स्टेडियम को पर्यटन विभाग को हैंडओवर करने के लिए कहा गया है। इसका क्या उपयोग होगा? अभी इसकी सूचना नहीं दी गई।
31 जनवरी तक पूरा हो जाएगा सौंदर्यीकरण
रिवर फ्रंट स्टेडियम
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अपर मुख्य सचिव के पत्र के मुताबिक, लखनऊ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेलीकॉप्टर जॉयराइड की सुविधा शुरू की जानी है। इसके लिए एक हेलीपोर्ट भी लखनऊ में बनाया जाना है। यहां से हेलीकॉप्टर पर्यटकों को लेकर उड़ान भर सकेगा।
उनका कहना है कि हेलीकॉप्टर जॉयराइड यानी हेलीकॉप्टर से पर्यटक स्थलों की सैर सैलानियों के बीच एक विशेष प्रकार का आकर्षण है। पर्यटन के लिए लखनऊ में काफी संभावनाएं पूर्व से हैं। इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने केलिए शासन से बजट भी अवस्थापना निधि में मिल चुका है।
एलडीए वीसी प्रभु एन सिंह का कहना है कि उद्यान व पार्कों का विकास रिवरफ्रंट पर अंतिम चरण में है। इस काम को जल्दी ही एलडीए पूरा कर लेगा। इस काम के लिए उपनिदेशक उद्यान एसपी शिशोदिया को अधिकृत किया गया है। वह 31 जनवरी तक सौंदर्यीकरण के काम को पूरा कराएंगे। अभी भी लोगों के घूमने के लिए रिवरफ्रंट को खोला गया है।
सिंचाई विभाग लेगा फैसला
रिवरफ्रंट में बना स्टेडियम एलडीए को हैंडओवर नहीं है। अभी यह सिंचाई विभाग के पास ही है। ऐसे में इसकेउपयोग के लिए फैसला सिंचाई विभाग को ही लेना है। पर्यटन विभाग को भी इसकी जानकारी दे रहे हैं। - एसपी शिशोदिया, उपनिदेशक उद्यान, एलडीए
बिना स्वरूप बदले उपयोग संभव
पर्यटन विभाग ने रिवरफ्रंट स्टेडियम की मांग की है। इसका उपयोग कराने के लिए हैंडओवर करने में कोई समस्या नहीं है। पर्यटन विभाग ने अभी यह नहीं बताया कि इसका क्या उपयोग करेगा? बिना स्वरूप बदले उपयोग पर ही सहमति दी जा सकती है। - आरके जैन, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग