बकौलीपुरवा प्राथमिक विद्यालय में स्टूडेंट्स को सुनाए गए विचार व उपदेश
- फोटो : amar ujala
गोंडा के प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति दर्ज करने के लिए शिक्षक जैसे ही नाम पुकारते है, तो बच्चे अब तक यस सर या यस मैम कहते रहे। लेकिन यहां प्राइमरी स्कूलों में एक नई पहल शुरू कर दी गई है। इस अनूठी पहल की शुरुआत बेलसर के बकौलीपुरवा प्राइमरी स्कूल से हुई है। यहां बच्चे अब नाम पुकारते ही जय हिंद और जय भारत बोलते हैं।
यह पहल शुरू कराने वाले प्राइमरी स्कूल के शिक्षक राखाराम गुप्त का मानना है कि छात्र-छात्राओें में देश के प्रति आस्था व राष्ट्रभक्त बनाने में यह पहल कारगर साबित होगी। इसीलिए यह व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही प्रार्थना सभा मोबाइल और लैपटॉप आदि के माध्यम से करानी शुरू की गई है।
मोबाइल साउंड से जुड़ा रहता है और पूरी प्रार्थना सभा आडियो विजुअल के माध्यम से होती है। उसी समय प्रयोग करते हुए कई शिक्षकों के पास फोन लगाया गया और उनसे अपने विद्यालय के बच्चों के लिए किसी से आज का विचार, कहानी, कविता व उपदेश बताए गए।
इस कार्यक्रम से कई शिक्षक व सामाजिक व्यक्ति बच्चों को फोन पर ही आदर्श वाक्य बता चुके हैं। बेलसर के वरिष्ठ एबीआरसी नरेंद्र कुमार सिंह ने गुरु, मता-पिता के साथ बड़ों का आदर करने के लिए प्रेरति किया है। गुरुवार को अमर उजाला से बच्चों का मोबाइल पर संपर्क कराया गया।
पहल करने वाले शिक्षक का होगा सम्मान
स्टूडेंट्स को सुनाए गए विचार व उपदेश
- फोटो : amar ujala
प्राइमरी स्कूल बकौलीपुरवा में शिक्षक राखाराम ने यह नई पहल की है। यह अच्छी पहल है, इसके साथ ही सूचना एवं प्रौद्योगिकी का प्रयोग भी शिक्षक ने किया है। शिक्षक को सम्मानित कराने का प्रस्ताव भेजा गया था। निदेशक बेसिक शिक्षा ने शिक्षक राखाराम को सम्मानित करने की स्वीकृति दी है। इसके साथ ही आदर्श शिक्षक रवि प्रताप सिंह, मनीष वर्मा, विवेक पाठक, महेश चंद्र को भी सम्मान मिलेगा।
- मनिराम सिंह, बीएसए
बच्चों में बढ़ रहा है देशभक्ति का जज्बा
प्राइमरी स्कूल बकौलीपुरवा में नवाचार कार्यक्रम के तहत यह पहल की गई है। इससे बच्चों में देशभक्ति के जज्बे का विकास हो रहा है। भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए यह पहल की गई है। इससे बच्चों में अभिरुचि भी बढ़ रही है। - राखाराम, शिक्षक