लखनऊ। केजीएमयू में जनरल सर्जरी विभाग के सात मंजिला भवन का निर्माण अब शिक्षा विभाग से मिलने वाली नई जमीन पर करने की तैयारी हो रही है। फिलहाल यह भवन शताब्दी-फेज 2 के पीछे और माइक्रोबायोलॉजी विभाग के बगल में प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत 315 करोड़ रुपये के बजट में से 45 करोड़ की पहली किस्त भी निर्माण करने वाली एजेंसी को जारी हो चुकी है। केजीएमयू को पिछले महीने ही शताब्दी-2 भवन के सामने सड़क के दूसरी ओर स्थित राजकीय बालिका विद्यालय व संस्कृत बोर्ड की जमीन देने के लिए शासन ने मंजूरी दे दी है। केजीएमयू प्रशासन जनरल सर्जरी विभाग के नए भवन का निर्माण इसी जमीन पर चाह रहा है। इसे लेकर केजीएमयू में ही डॉक्टरों के बीच दो फाड़ हो गए हैं। एक पक्ष निर्माण स्थल बदलने के पक्ष में नहीं है तो दूसरी ओर केजीएमयू प्रशासन निर्माण स्थल बदलाव के पक्ष में है।
निर्माण स्थल में बदलाव का विरोध कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि स्थान बदलने से काम रुक जाएगा। इससे देरी होगी, साथ ही निर्माण की लागत भी बढ़ेगी। शताब्दी के दोनों भवन नजदीक जनरल सर्जरी का भवन होने पर जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह भी मिल सकेगी।
केजीएमयू के फैकल्टी इंचार्ज मीडिया सेल प्रो. केके सिंह के मुताबिक ट्रॉमा सेंटर, शताब्दी-1 व 2 के भवन अगल-बगल होने से भीड़ हो जाती है। सड़क की दूसरी ओर नया भवन बनने पर भीड़ बट जाएगी। मरीज और तीमारदारों को जनरल सर्जरी भवन तक जाने के लिए मुख्य परिसर नहीं आना होगा। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के बगल में भी निर्माण के लिए शिक्षक आवास का कुछ हिस्सा तोड़ने की जरूरत होगी, इसके लिए भी शासन से अनुमति लेने की जरूरत होगी।
केजीएमयू के 300 बेड की क्षमता वाले नए भवन में रोबोटिक सर्जरी के साथ ही अन्य सुविधाएं भी होंगी। 9.62 एकड़ में फैले इस भवन में 37 हजार 128.76 वर्ग मीटर स्थान प्रस्तावित है। दो साल में भवन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। फर्स्ट फ्लोर पर सर्विस एरिया, दूसरे फ्लोर पर 60 बेड वाला जनरल वार्ड, तीसरे फ्लोर पर 60 बेड वाला जनरल वार्ड, चौथे फ्लोर पर 120 बेड वाला जनरल वार्ड, 5वें फ्लोर पर 30 बेड वाला प्राइवेट वार्ड, 18 बेड वाला एचडीयू, 12 बेड वाला प्री ऑपरेशन व 20 बेडेड डे केयर, छठे फ्लोर पर 30 बेड वाला पोस्ट ऑपरेशन, 10 ओटी, एक हाइब्रिड ओटी व 12 बेडेड आईसीयू जबकि 7वें फ्लोर पर फैकल्टी, एडमिनिस्ट्रेटिव व स्टोर ब्लॉक्स का निर्माण प्रस्तावित है।