अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय आर. भूसरेड्डी ने आबकारी आयुक्त को निर्देशित किया है कि जब तक वित्त विभाग के निर्देशों का अध्ययन कर कार्रवाई नहीं हो जाती है, भर्ती आयोगों को नई भर्ती संबंधी प्रस्ताव नहीं भेजा जाएगा।
अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि आबकारी विभाग में कंप्यूटराइजेशन तथा सूचना तकनीक का प्रयोग करने से प्रति कर्मचारी व अधिकारी की कार्यदक्षता तथा उत्पादकता में वृद्धि हुई है।
वर्तमान परिदृश्य में कंप्यूटराइजेशन, एप के क्रियाशील होने व विभागों में ऑनलाइन प्रक्रिया को अधिकाधिक लागू करने जैसे कदमों से अनुपयोगी पदों को समाप्त कर सूचना तकनीक में हुए विकास व आज की मांग तथा विभागीय आवश्यकतानुसार पदों को परिवर्तित करने व स्वीकृत पदों के सापेक्ष वास्तविक आवश्यकता को ध्यान में रखकर पदों का समुचित निर्धारण आवश्यक हो गया है।
उन्होंने कहा है कि विभाग के अधीन विभिन्न संवर्गों के अंतर्गत पूर्व में स्वीकृत पदों के सापेक्ष वर्तमान में वास्तविक आवश्यकता के आधार पर पदों की संख्या का पुनर्निर्धारण व आकलन किया जाए। इसके बाद विभिन्न संवर्गों में आवश्यकतानुसार अपेक्षित पदों की संख्या के आधार पर पदोन्नति, सेवानिवृत्ति व अन्य कारणों से घटित होने वाली वर्षवार रिक्तियां तय करते हुए संगत सेवा नियमावली में संशोधन किया जाए। संबंधित नियमावली में संशोधन के बाद ही सीधी भर्ती के लिए भर्ती प्रस्ताव लोक सेवा आयोग प्रयागराज व यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग लखनऊ को भेजा जाए।
इस तरह की कार्रवाई करने के बाद सीधी भर्ती की कार्रवाई से पहले यदि पूर्व में शासन स्तर से भर्तियों पर कोई रोक लगाई गई है तो उसके परिप्रेक्ष्य में अनिवार्य रूप से शासन की पूर्वानुमति प्राप्त करनी होगी। उन्होंने शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की रिपोर्ट व आवश्यक प्रस्ताव 15 दिन में शासन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
- वर्तमान वर्ष 2020 से 2030 के बीच संवर्गों में घटित होने वाली रिक्तियों का वर्षवार विवरण तैयार कराएंगे।
- वित्त विभाग के निर्देशों के अनुसार मितव्ययिता के मद्देनजर सभी संवर्गों के वर्तमान में स्वीकृत पदों के सापेक्ष कार्मिकों की वास्तविक आवश्यकता का नए सिरे से आंकलन करते हुए, कार्मिकों की संख्या में दो प्रतिशत कटौती के संबंध में संस्तुति सहित प्रस्ताव तैयार करेंगे।
- मितव्ययिता तथा कंप्यूटराइजेशन, विभागीय कार्यों से संबंधित पोर्टल व एप के प्रयोग व ऑनलाइन प्रणाली अपनाने से पूर्व से स्वीकृत पदों के सापेक्ष कितने पदों की कटौती तथा तथा पदों को समाप्त करना जरूरी होगा, इसका गहनता से अध्ययन कर अपनी आख्या व संस्तुति शासन को दें।
- देखेंगे कि विभाग के वर्तमान क्रियाकलापों के मद्देनजर किसी संवर्ग में पद की अब आवश्यकता एवं उपयोगिता है या नहीं? क्या संवर्ग के किसी पद को विभाग के नए क्रियाकलाप को ध्यान में रखकर परिवर्तित कर नए संवर्ग में बदले पदनाम से सृजन की आवश्यकता है या नहीं?
- संवर्ग व पदों को समाप्त करने से पूर्व अध्ययन संबंधी दिशानिर्देशों का पूरी तरह अनुपालन करना होगा। इसके बाद ही पदों को समाप्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।