आलू के दाम में गिरावट रोकने और किसानों को नुकसान से बचाने के लिए प्रदेश सरकार 735 रुपये प्रति क्विंटल की दर से आलू खरीद की तैयारी में है। इसके लिए बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत दो लाख मीट्रिक टन आलू खरीदने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।
प्रदेश में इस साल आलू की बंपर पैदावार की संभावना है। उद्यान विभाग के अनुसार, यह उत्पादन 175 लाख मीट्रिक टन तक जा सकता है, जो गत वर्ष 40 लाख मीट्रिक टन ही था। ज्यादा उत्पादन की संभावना को देखते हुए आलू के थोक रेट एकाएक नीचे आ गए हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस गिरावट में व्यापारियों के खेल से इनकार नहीं किया सकता। ताकि, वे सस्ता आलू खरीदकर भंडारण कर सकें। वर्तमान में आलू की लागत ही 735 रुपये प्रति क्विंटल आ रही है।
नियम है कि विगत वर्ष की तुलना में औद्यानिक फसलों का उत्पादन 10 प्रतिशत अधिक हो या बाजार भाव में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट हो, तो बाजार हस्तक्षेप योजना लागू की जा सकती है। इसी के तहत नामित संस्थाएं लागत मूल्य पर आलू खरीद सकती हैं।
रविवार को मंडी में रेट प्रति क्विंटल
लखनऊ 675-800 रुपये
फिरोजाबाद 480-650 रुपये
आगरा 450-700 रुपये
मथुरा 430-620 रुपये
सहसवान 350-450 रुपये
किसान घबराएं नहीं, भंडारण करें
दो लाख मीट्रिक टन आलू खरीद का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है। मौजूदा हालात में किसान घबराने नहीं। हमारे पास 155 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारण की क्षमता है। इसलिए किसान अपना अधिक से अधिक आलू भंडारित करें। बेहतर दाम मिलने पर इसे बाजार में निकालें।
-डॉ. आरके तोमर, उद्यान निदेशक