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प्रदेश में बायोडीजल की फुटकर बिक्री की जल्द अनुमति देने की तैयारी

Sat, 23 Nov 2019 01:09 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी महेंद्र तिवारी, लखनऊ
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Petrol-diesel price
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प्रदेश में बिना मिलावट बायो-डीजल की बिक्री की जल्द ही अनुमति देने की तैयारी है। अपर मुख्य सचिव नियोजन के स्तर से इससे संबंधित प्रोजेक्ट की स्थापना की अनुमति, अनापत्ति और निगरानी के लिए नियामकीय तंत्र के गठन और लंबित निवेश प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इस संबंध में एक उच्च स्तरीय बैठक भी हो चुकी है।

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वर्तमान में बायो डीजल को डीजल में मिलाकर ही बेचने की व्यवस्था है। यह काम भी केवल पेट्रोलियम कंपनियां ही करती हैं। वे उत्पादकों से बायोडीजल खरीदने और मिलाकर बेचने का काम करती हैं। बायोडीजल उत्पादक अधिकतम 12 हजार लीटर प्रति लाट की बिक्री कर सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि केंद्र सरकार ने 30 अप्रैल, 2019 को बायोडीजल बिना मिलावट किए बिक्री की अनुमति दे दी। साथ ही किसी के लिए भी बायोडीजल खरीदने और बिक्री करने का अधिकार दे दिया है। बायोडीजल की खुदरा बिक्री की अनुमति देने का अधिकार राज्यों के खाद्य एवं रसद विभाग को सौंपा गया है। इससे आम निवेशकों को भी इस सेक्टर में निवेश का रास्ता खुल गया। लेकिन, केंद्र की इस अधिसूचना पर यहां अमल न होने से केंद्र की इस पहल का प्रदेश को फायदा नहीं मिल पा रहा था।

शासन के एक अधिकारी ने बताया कि अपर मुख्य सचिव नियोजन कुमार कमलेश की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक में खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा डीजल बिक्री की तरह बायोडीजल बिक्री का लाइसेंस देने, सैंपल लेने, जांच करने व दंडित करने जैसी अधिसूचना जारी करने पर सहमति बन गई है। जल्द ही यह अधिसूचना जारी हो जाएगी। इसके बाद पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में गठित जैव ऊर्जा समिति को पुनर्गठित कर मजबूत करने का प्रस्ताव है। इस समिति में सीडीओ, डीएफओ, इंडियन आयल व नाबार्ड के अधिकारियों के अलावा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियों के प्रतिनिधि व अग्रणी किसान सहित करीब डेढ़ दर्जन अधिकारी शामिल होंगे।

75 करोड़ निवेश और 250 लोगों को रोजगार के जल्द मौके

अधिकारी ने बताया कि फुटकर बायोडीजल बिक्री केंद्र स्थापित करने के लिए 50 से अधिक  उद्यमी तैयार हैं। एक केंद्र स्थापित करने पर करीब 1.50 करोड़ रुपये निवेश होगा। प्रत्येक केंद्र पर करीब 5 लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस तरह करीब 75 करोड़ रुपये का निवेश और 250 लोगों को रोजगार तत्काल मिल सकेगा। 

किसानों को भी फायदा

बायोडीजल की फुटकर बिक्री बढ़ने से किसानों को भी अतिरिक्त लाभ मिलेगा। बायोफ्यूल के कच्चे माल के रूप में गैर खाद्य तेल (महुआ, नीम, करंज आदि) की मांग बढ़ेगी। इनका उत्पादन ऊसर, बंजर जमीन पर किया जा सकेगा। गैर खाद्य तैलीय बीजों के उत्पादन के लिए प्रदेश में किसानों के समूह द्वारा बनाई गई करीब 115 बायो एनर्जी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनियां काम शुरू कर चुकी हैं।

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