प्रदेश के 31 जिलों के 1798 ग्राम पंचायतों में से 1123 ग्राम पंचायतों को अनियमित तरीके से परफार्मेंस ग्रांट आवंटित कर वारा-न्यारा किए जाने के आरोप में पंचायती राज विभाग के पांच अफसरों पर विजिलेंस का शिकंजा कस गया है। मामले की खुली जांच में अनियमितता के आरोपों की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस ने लखनऊ के अलीगंज थाने में पांच अफसरों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
राज्य सरकार ने इस मामले की विजिलेंस को जांच करने के आदेश दिए थे।
आरोप था कि वर्ष 2016-17 में 14वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त परफार्मेंस ग्रांट की राशि के आवंटन के लिए ग्राम पंचायतों के चयन में बड़े पैमाने पर धांधली की गई। जांच में पाया गया कि परफार्मेंस ग्रांट आवंटित करने के लिए चयन प्रक्रिया में नियमों व मानकों की सिरे से अनदेखी की गई। विजिलेंस ने जो मुकदमा दर्ज कराया है उसमें कहा गया है कि नामजद लोक सेवकों ने जानबूझ कर आपराधिक कृत्य किया है और अपने पद का दुरुपयोग कर भारत सरकार के दिशा-निर्देशों व शासनादेशों की अनदेखी कर बेईमानी व कपटपूर्ण तरीके से अपात्र ग्राम पंचायत को परफार्मेंस ग्रांट आवंटित कर दी।
जांच में पाया गया कि इन ग्राम पंचायतों को एक निर्धारित प्रारूप पर परफार्मेंस ग्रांट आवंटित किए जाने की कार्यवाही की जानी थी। इसमें पात्र ग्राम पंचायतों के चयन के लिए चयन समिति गठित थी। इस चयन समिति के नोडल अफसर उप निदेशक व सदस्य सचिव गिरीश चंद्र रजक व उनके पटल सहायक रमेश चंद्र यादव की जिम्मेदारी जिलों से आने वाली सूचनाओं को संकलित कर समिति के समक्ष रखने की थी। पर इन लोगों ने तय प्रारूप पर काम न कर मनमाने तरीके से परफार्मेंस ग्रांट आवंटित किए जाने के लिए ग्राम पंचायतों का चयन किया।
चयन समिति का गठन 31 मार्च 2016 को किया गया था। समिति के सदस्य अपर निदेशक राजेंद्र सिंह, तत्कालीन मुख्य वित्त व लेखाधिकारी केशव सिंह व अपर निदेशक शिव कुमार पटेल थे। इन पर आरोप है कि परफार्मेंस ग्रांट आवंटित करने के लिए हुई चयन समिति की बैठक में शामिल तो रहे पर किसी ने अपात्र ग्राम पंचायतों का चयन किए जाने अथवा तय प्रारूप पर चयन न किए जाने को लेकर आपत्ति नहीं की। विजिलेंस ने इन सभी को आपराधिक कृत्य में शामिल मानते हुए सभी पांचों को खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420, 466, 467, 468, 471, 120बी व भ्रष्टाचार की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।
यह हुए नामजद
- गिरीश चंद्र रजक, उप निदेशक, नोडल अधिकारी सदस्य सचिव चयन समिति
- राजेंद्र सिंह, अपर निदेशक
- केशव सिंह, तत्कालीन मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी
- शिव कुमार पटेल, अपर निदेशक,
- रमेश चंद्र यादव, तत्कालीन पटल सहायक, नोडल अधिकारी पंचायती राज निदेशालय