उत्तर प्रदेश में नागरिकता कानून के विरोध में गुरुवार को विभिन्न जिलों में हुए हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए राज्य सरकार ने मोबाइल, एसएमएस और इंटरनेट सेवाओं को निलंबित रखने की समय सीमा बढ़ाकर शनिवार दोपहर तक कर दी है।
उधर, लखनऊ में भी मोबाइल, इंटरनेट व एसएमएस सेवाएं शनिवार दोपहर 12 बजे तक निलंबित रहेंगी।
हुसैनाबाद में बवाल के दौरान मोहम्मद वकील नामक युवक की गोली लगने से मौत हो गई है। युवक ने ट्रामा में इलाज के दौरान दम तोड़ा। बताया जा रहा है कि वकील के पेट में गोली लगी थी।
लखनऊ में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद लखनऊ यूनिवर्सिटी में कल होने वाली सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में भी सभी परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।
लखनऊ में पुलिस पर पथराव किया गया है। वहीं पुलिस ने भी प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज की है। पुलिस की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की गई है। इस दौरान एक पुलिस कर्मी घायल भी हो गया हैं।
लखनऊ के परिवर्तन चौक पर कांग्रेस, वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया है। कांग्रेस अध्यक्ष अजय लल्लू व कई अन्य कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यहां प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठियां भी भांजी है। इसी तरह कलेक्ट्रेट व कैसरबाग क्षेत्र में सपा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया है और गिरफ्तारी दी है। इसके अलावा भी शहर में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। प्रदर्शनकारियों ने यहां पुलिस पर पथराव किया और नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। वहीं मदेहगंज चौकी में चौकी के पास तोड़ फोड़ और आगजनी की गई है। गंज में प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज की गई है।
बलरामपुर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने वाले सपाइयों के मंसूबों पर पानी फिर गया। प्रशासन ने सपा के कई पूर्व विधायकों और नेताओं को नजरबंद कर दिया है। वहीं पूर्व मंत्री डॉक्टर एसपी यादव के घर पर सपाई धरने पर बैठे हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाया है।
संभल में सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान राज्य परिवहन की एक बस में आग लगा दी है।
चित्रकूट में नागरिकता कानून और महंगाई के विरोध में सपाइयों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोका तो नाराज सपाइयों से पुलिस प्रशासन की नोकझोंक हो गई। इसके बाद सपाइयों ने गिरफ्तारी दी. वहीं उन्नाव कलेक्ट्रेट गेट के पास भी सपा कार्यकर्ता धरना दे रहे हैं। जिले के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
झांसी में सरकार के खिलाफ आंदोलन करने जा रहे समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सदस्य डा. चंद्रपाल सिंह यादव को पुलिस ने कचहरी चौराहे के पास गांधी उद्यान से कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान सपाइयों की पुलिस से झड़प भी हुई। पुलिस सांसद और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर बस से पुलिस लाइन ले गई है। अभी और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
लखीमपुर खीरी में नागरिकता संशोधन एक्ट को लेकर प्रदेश में हो रही हिंसक घटनाओं को देखते हुए जिले में धारा 144 लागू है इसके बाद भी सपा कार्यकर्ता विभिन्न समस्याओं को लेकर बिलोबी मैदान में एकत्र हुए। नागरिकता संशोधन बिल आदि के विरोध में धरना प्रदर्शन करने लगे। हरकत में आई पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। इस पर सपाई भड़क गए और हंगामा करने लगे।
हालातों को देखते हुए दमकल की गाड़ियां बुला ली गई हैं। पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान सपाइयों और पुलिस के बीच काफी तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने करीब ढाई सौ सपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। सभी को बसों और सरकारी जीपों से लेकर पुलिस लाइन पहुंचे। जहां भारी पुलिस बल के बीच उन्हें रखा गया प्रदर्शनकारी सरकार विरोधी जमकर नारेबाजी कर रहे थे।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में संभल में फिर सड़कों पर युवा उतर गए हैं। नगरपालिका मैदान में पुलिस प्रशासन मौजूद है। युवाओं का कोई नेतृत्व सामने नहीं आया है। युवा वर्ग के लोग नारेबाजी कर रहे हैं और नागरिकता संशोधन बिल वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
अमरोहा में धारा 144 के अंतर्गत शहर में डीएम और एसपी फ्लैग मार्च कर रहे हैं। एनआरसी और नागरिकता कानून पर आशंकित विरोध को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है।
नागरिकता संशोधन एक्ट को लेकर अमरोहा कलेक्ट्रेट पर धरना देने जा रहे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने अतराशी चौराहा पर रोक लिया है। पूर्व मंत्री व सपा के राष्ट्रीय सचिव कमाल अख्तर से पुलिस की जमकर नोकझोंक हुई। कार्यकर्ताओं ने नंगे होकर प्रदर्शन किया सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके प्रदेश व्यापी धरना प्रदर्शन का आह्वान किया है। पार्टी के मुताबिक, नागरिकता कानून, प्रदेश में बेटियों पर बढ़ते अत्याचार, प्रदेश सरकार की किसान विरोध नीति, बदहाल स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी और कमरतोड़ महंगाई के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन की तैयारी है।
किसी भी तरह के प्रदर्शन की इजाजत नहीं: डीजीपी
संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ समाजवादी पार्टी समेत कई संगठनों के प्रदर्शन के आह्वान के बीच उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजपी) ओम प्रकाश सिंह ने कहा है कि पूरे प्रदेश में धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू होने के मद्देनजर किसी भी तरह के प्रदर्शन की इजाजत नहीं है।
सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश में 19 दिसंबर से धारा 144 लगी हुई है। अत: मैं सभी अभिभावकों से अपील करूंगा कि वे इस दिन अपने बच्चों को कहीं भी जाने के लिये प्रेरित न करें। उन्हें प्रदर्शन में जाने से मना करें, नहीं तो उनके विरुद्ध कार्रवाई होगी।