अप्रैल के पहले दिन से लू के गरम थपेड़े और चिलचिलाती धूप शरीर को झुलसाने लगे हैं। ऐसे मौसम में सबसे ज्यादा खतरा हीट स्ट्रोक का होता है, जो जानलेवा भी हो सकता है। ऐसे मौसम में साथ ही कुछ सावधानी के साथ शरीर को गर्म लू के थपेड़ों और सीधी धूप से बचाने की जरूरत है।
लखनऊ के लोहिया अस्पताल के फिजिशियन डॉ. संदीप चौधरी बताते हैं कि तेज धूप और लू के थपेड़ों से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। सूरज की सीधी किरणें और गर्म हवा से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। लगातार पसीना आने से शरीर में मौजूद नमक निकल जाता है।
इससे व्यक्ति को कमजोरी होने के साथ उल्टी-दस्त की समस्या होने लगती है। ऐसे मौसम में मधुमेह, हृदय रोगी और सांस के रोगियों को खास खयाल रखना चाहिए। जो मरीज नियमित दवाओं का सेवन करते हैं वे ध्यान से घर से निकले।
इस तरह के रोगी अगर तेज धूप में बाहर निकलते हैं तो वो किसी को अपने साथ लेकर जाएं। चिलचिलाती धूप में व्यक्ति को शरीर में पानी की संतुलित मात्रा बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करते रहे ताकि शरीर में पौष्टिकता के साथ ग्लूकोज की कमी न आए।
मटके का पानी गर्मी में अमृत
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योग चिकित्सक एनएल यादव बताते हैं कि गर्मी के मौसम में फ्रिज का पानी पीने से बचना चाहिए। स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए मटके का पानी बहुत फायदेमंद है।
मटके के पानी में शीतलता रहती है और उसके पीने के बाद प्यास बुझ जाती पर फ्रिज के पानी से प्यास कुछ पल के लिए खत्म हो जाती है, लेकिन शरीर में तरावट नहीं बनती है।
मटके का पानी को तब और फायदेमंद और अमृत की तरह बनाया जा सकता है जब उसमें ताजा पानी भरने के बाद तुलसी के पांच पत्ते डाल दिए जाएं। तुलसी के पांच पत्ते में इतनी ताकत है कि उसमें से निकलने वाले द्रव्य पदार्थ पानी को पूरी तरह स्वच्छ बना देता है और इससे व्यक्ति वायरल और बैक्टिरियल इंफेक्शन से बचा रहता है।
नियमित तुलसी के पत्ते का सेवन भी ऐसी गर्मी में किया जाए तो व्यक्ति स्वस्थ्य रह सकता है। इसके साथ ही एनएल यादव बताते हैं कि सुबह शौच प्रक्रिया के बाद पांच से सात बजे के बीच योगा सेहत के लिए फायदेमंद है।
सामान्य तौर पर व्यक्ति सूर्य नमस्कार, जॉगिंग, पेट, पीठ बल के आसन, बैठकर किए जाने वाले आसन और प्राणायाम कम से कम रोजाना 45 मिनट किया जाए तो शरीर में अगले 30 घंटे तक स्फूर्ति बनी रहती और व्यक्ति खुद को तरोताजा महसूस करता है।
इसके साथ ही गर्मी के मौसम में खान-पान का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। बाजारों में खुले में बिकने वाली खाद्य सामग्री का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर बीमारियां आसानी से शिकार बना सकती हैं।
बच्चों को उल्टी-दस्त तो तुरंत पहुंचे अस्पताल
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डफरिन अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान खान ने बताया कि तेज धूप और गर्मी में बच्चों की सेहत का खयाल रखना बहुत जरूरी है। बच्चों को अचानक उल्टी दस्त की शिकातय हो जाए तो बिना देर किए डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए। उल्टी दस्त की वजह से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता तेजी से कम होती है और बच्चों की हालत बिगड़ सकती है। ऐसे में बच्चों को लेकर अभिभावकों को अधिक सावधानी बरतनी होगी।
बलरामपुर अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएच उस्मानी ने बताया कि तेज धूप में हर किसी को जरा संभलकर निकलना चाहिए। तेज धूप से सबसे अधिक नुकसान त्वचा को होता है और चेहरे से लेकर हाथ तक की त्वचा काली पड़ जाती है।
ऐसे में बेहतर यही होगा कि फुल आस्तीन का कपड़ा पहने और चेहरे को ढककर निकलें, जिससे त्वचा को नुकसान पहुंचने से बचाया जा सकता है। तेज धूम की वजह से सनलाइट स्किन बर्न के मामले तेजी से बढ़ते हैं, जिसमें त्वचा का रंग सामान्य से अलग हो जाता है।
देर तक बाइक ड्राइव करना भी खतरनाक
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बलरामपुर अस्पताल के ईएमओ डॉ. विष्णु देव ने बताया कि तेज धूप में लगातार बाइक या साइकिल चलाना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। वातावरण की गरम हवा सीधे चेहरे और शरीर को बुरी तरह झुलसा देती है।
ऐसी में शरीर में पानी की कमी हो जाती है और व्यक्ति को अचानक चक्कर आने लगते हैं। वो सड़क दुर्घटना का शिकार हो सकता है। ऐसे में बेहतर यही होगा कि बाइक से दूर का सफर तय करने से बचें।
अगर जा रहे हैं तो बीच बीच में आराम करें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिए और चेहरे को पानी से साफ करते रहें। शरीर में पानी की कमी होने से अचानक कमजोरी के साथ बेहोशी की शिकायत हो सकती है। कमजोरी अधिक होने पर घबराहट के साथ ब्लड प्रेशर असंतुलित हो सकता है। छोटे बच्चों या नवजात को तेज धूप में बाइक से ले जाने से बचे
धूप तेज तो जरा संभल कर निकलें
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बलरामपुर अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएच उस्मानी ने बताया कि तेज धूप में हर किसी को जरा संभलकर निकलना चाहिए। तेज धूप से सबसे अधिक नुकसान त्वचा को होता है और चेहरे से लेकर हाथ तक की त्वचा काली पड़ जाती है।
ऐसे में बेहतर यही होगा कि फुल आस्तीन का कपड़ा पहने और चेहरे को ढककर निकलें, जिससे त्वचा को नुकसान पहुंचने से बचाया जा सकता है। तेज धूम की वजह से सनलाइट स्किन बर्न के मामले तेजी से बढ़ते हैं, जिसमें त्वचा का रंग सामान्य से अलग हो जाता है।
फास्ट फूड से बचें
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इससे तो जरूर बचें
- खुले में बिकने वाला जूस न पिएं
- कटे फल का सेवन कतई न करें
- बासी खाने का सेवन बिलकुल नहीं
- कोल्डड्रिंक और फास्ट फूड से बचें
- कचौड़ी पकौड़ी समोसा नुकसानदायक
- होटल और रेस्टोरेंट में खाने से बचें
हीट स्ट्रोक के लक्षण
- चक्कर आना, बेहोश हो जाना
- शरीर में दर्द महसूस होना
- त्वचा लाल गर्म और रूखी होना
- मांसपेशियों में कमजोरी और खिंचाव होना
- उल्टी और दस्त के साथ जी मिचलाना
- सांस फूलना और असामान्य धड़कन
- चिड़चिड़ापन, झुंझलाहट और भूख न लगना
इन बातों का रखें ध्यान
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ये बहुत फायदेमंद
- खरबूज, तरबूज, खीरा, ककड़ी का भरपूर सेवन करें
- बेल, आम पन्ना और निंबू पानी का जूस लें
- हीट स्ट्रोक का मरीज ठंडी जगह आराम करे
- बर्फ के टुकड़े से मरीज के गले, गर्दन और पीठ पर मालिश करें
- ठंडे पानी से भीगे कपड़े से शरीर को साफ करते रहें
- ताजा खाना खाएं और पौष्टिक आहार लें
इन बातों का रखें ध्यान
- घर से निकलते वक्त पानी जरूर पिएं
- घूप से बचने के लिए सिर पर टोपी लगाएं
- धूप से आकर ठंडा पानी कतई न पिएं
- धूल के साथ लू चल रही है तो आंख को बचाएं
- चेहरे पर सन प्रोटेक्शन क्रीम लगाएं
- धूप में अधिक दूर तक पैदल चलने से बचें
- सूती और लूज कपडे़ पहनें
- गाड़ी चलाते वक्त हेलमेट पहने
- पैदल चलते वक्त चेहरा ढ़क कर रखें
- तले भूने खाद्य पदार्थ खाने से बचें
इमरजेंसी में यहां से लें मदद
केजीएमयू, ट्रॉमा सेंटर- 09453004209
सिविल अस्पताल हजरतगंज- 07376265913
बलरामपुर अस्पताल गोलागंज- 07408404659
लोहिया अस्पताल गोमतीनगर- 08765676002
सीएमओ कंट्रोल रूम नंबर- 0522-2622080
आरएलबी राजाजीपुरम- 0522- 2661370
नि:शुल्क एम्बुलेंस सेवा- 108 व 102 सेवा