अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक प्रवीण भाई तोगड़िया के 21 अक्टूबर को प्रस्तावित अयोध्या कूच कार्यक्रम पर ग्रहण लग गया है। प्रशासन ने तोगड़िया को कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दी। वहीं, दूसरी तरफ एएचपी कार्यकर्ता अयोध्या कूच के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
एएचपी के क्षेत्र मंत्री जितेंद्र शास्त्री ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि प्रशासन कार्यक्रम के लिए अनुमति नहीं दे रहा है लेकिन रामभक्तों को अयोध्या आने से कोई नहीं रोक सकता। अगर प्रशासन रोकता है तो आने वाले समय में हिंदू समाज इसका जबाब देगा।
शास्त्री ने बताया कि 21 अक्टूबर को लखनऊ से अयोध्या के लिए लाखों की संख्या में रामभक्त संत-समाज डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया के नेतृत्व में अयोध्या कूच करेगें। 22 को सरयू तट पर एकत्र होकर शांतिपूर्ण धरना करेंगे। 23 को दोपहर 11 बजे संतों के नेतृत्व में सरयू तट स्थित रामचंद्र दास परमहंस की समाधि पर संकल्प सभा का आयोजन कर राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने हेतु सरकार पर दबाब डालने का काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हमारा कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से होगा। इसलिए अनुमति न मिलने की परवाह नहीं। एएचपी के जिला अध्यक्ष अरविंद मिश्रा ने बताया कि कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर राममंदिर निर्माण के लिए जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। फैजाबाद जिले में अब तक तीन लाख लोगों से संपर्क कर अयोध्या कूच कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया जा चुका है।
सीओ अयोध्या राजकुमार साव का कहना है कि कार्यक्रम के लिए अभी तक अनुमति नहीं दी गई है। जिले में त्योहारों के मद्देनजर धारा-144 लागू है। किसी तरह का उपद्रव न हो इसका पूरा ख्याल रखा जा रहा है।