अंतराष्ट्रीय हिंदू परिषद (अहिप) ने भी प्रदेश में अपनी जमीनी जड़ें मजूबत बनाने की कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए अहिप के अध्यक्ष और विहिप के पूर्व अध्यक्ष डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने 13 दिसंबर से प्रदेश भर का दौरा करने की योजना बनाई है।
इस दौरे में उनके ‘हिंदू रक्षा निधि’ और ‘हिंदू स्वाभिमान सम्मेलन’ नाम से कार्यक्रम आयोजित होंगे। ध्यान रहे कि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद डॉ. तोगड़िया ने अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद (अहिप) बनाई है।
अहिप के संगठन मंत्री वेद प्रकाश सचान ने बताया कि डॉ. तोगड़िया का प्रदेश का दौरा 13 दिसंबर को बहराइच से शुरू होगा। सुबह बहराइच में हिंदू सम्मेलन और हिंदू रक्षा निधि का कार्यक्रम होगा तथा शाम को लखनऊ में सुरेंद्र नगर में ये कार्यक्रम होंगे। अगले दिन 14 दिसंबर को डॉ़. तोगड़िया के कार्यक्रम सुबह सीतापुर और शाम को लखनऊ में होंगे। इसके बाद 15 दिसंबर को लखनऊ में ही वह चिकित्सकों के साथ बैठक करेंगे।
वह 16 को कानपुर में आयोजित कार्यक्रम में वह हिस्सा लेंगे। फिर गोरखपुर और बलिया में उनका कार्यक्रम तय किया गया है। गोरखपुर में 17 दिसंबर को और 18 दिसंबर में बलिया में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के बाद डॉ. तोगड़िया अन्य राज्यों के प्रवास पर चले जाएंगे। कुछ दिनों बाद प्रदेश के अन्य जिलों में फिर कार्यक्रम होंगे।
साधेंगे समीकरण
सचान बताते हैं कि हिंदू सम्मेलनों के जरिये हिंदू समाज को न सिर्फ अयोध्या आंदोलन के दौरान संघर्षों के बारे में जानकारी दी जाएगी बल्कि उन्हें यह भी बताया जाएगा कि श्रीराम जन्मभूमि पर फैसला आने के बाद भी हिंदुओं के सामने खड़ी चुनौतियां समाप्त नहीं हुई हैं। धर्मांतरण, गोरक्षा, मठ-मंदिरों की सुरक्षा, लव-जेहाद जैसे तमाम मुसीबतें अब भी हिंदुओं के सामने खड़ी हैं।
तीर्थों के संरक्षण व सफाई, नदियों को अविरलता व निर्मलता जैसे मामले भी अभी हल होना शेष है। तमाम दावों के बावजूद गंगा की सफाई का संकट अब भी खत्म नहीं हुआ है। इन सब मुद्दों पर हिंदुओं का जागरूक और एकजुट रहना जरूरी है। अहिप इसी दिशा में काम कर रही है।