इससे पहले संजय निषाद ने अखिलेश यादव व मायावती पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए गठबंधन से अलग होने का एलान किया। उन्होंने कहा, जिस गठबंधन में मेरा नाम तक नहीं लिया जाता हो, उसमें रहने का कोई मतलब नहीं है।
गठबंधन में शामिल होने के बाद भी पोस्टर-बैनर व प्रचार सामग्री में निषाद पार्टी के नाम का जिक्र तक नहीं किया जा रहा। इससे कार्यकर्ताओं में असंतोष फैल रहा था। इसके मद्देनजर ही हमने गठबंधन से अलग होने का फैसला किया है। दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। जल्द ही चुनाव लड़ने को लेकर निर्णय लेंगे।