श्रद्धालुओं में रामजन्मभूमि दर्शनपथ पर लगी एलईडी टीवी में रामलला के महाभिषेक का दर्शन करने की होड़ सी दिखी। दिल्ली निवासी अधिवक्ता विवेक चंद्रा अपनी बीमार मां को मोबाइल से अयोध्या के दर्शन करा रहे थे। उनकी आंखे खुशी से डबडबा रहीं थी। बोले हमारे राम के ठाठ-बाट आज निराले हैं, अयोध्या का माहौल देखकर ऐसा लग रहा है जैसे त्रेतायुग साकार हो रहा हो। हैदराबाद से किन्नरों की टोली नृत्य कर जयकारे लगा रही थी। किन्नर पिंकी ने कहा रामजी का किन्नरों ने 14 वर्ष तक इंतजार किया था। राम सबके हैं, सर्वमान्य हैं।
प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर बोलते सीएम योगी।
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प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में पीएम मोदी ने देशवासियों से आह्वान किया था कि राम राष्ट्र के प्रतीक हैं। राम हैं तो राष्ट्र है, राष्ट्र है तो राम हैं। दोनों को अलग नहीं कर सकते, दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। राम मंदिर का निर्माण दुनिया में दबी-कुचली सभ्यता और संस्कृति के लिए संदेश भी है कि लोकतांत्रिक, संविधान सम्मत तरीके से अधिकार लिए जा सकते हैं। समाज बंटा था तो देव स्थल अपमानित हो रहे थे। जाति व अन्य वादों के आधार पर विभाजित रहेंगे तो अपमानजनक स्थितियों का निरंतर सामना करना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को प्राण-प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर आयोजित प्रतिष्ठा द्वादशी कार्यक्रम में अंगद टीला पर जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने रामलला के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन किया। सीएम ने अशोक सिंहल को भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सत्य को अधिक दिनों तक धुंधला करके कोई नहीं रख सकता है। सत्य एक दिन उजागर होगा। देश-दुनिया सत्य के रूप में अयोध्या में राम जन्मभूमि पर प्रभु रामलला के भव्य मंदिर देख रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिंदू पंचांग के अनुसार श्रीराम जन्मभूमि पर प्रभु रामलला की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा के एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास द्वारा प्रतिष्ठा-द्वादशी के रूप में त्रिदिवसीय आयोजन का शुभारंभ किया गया है। 22 दिसंबर 1949 को रामलला का अपनी जन्मभूमि में प्रकट होना इस पूरी लड़ाई की पृष्ठभूमि को आगे बढ़ाता हुआ आज इन स्थितियों में पहुंचा कि प्राण-प्रतिष्ठा के एक वर्ष के उपरांत मंगलगान के साथ हम सभी गौरव की अनुभूति कर रहे हैं।
रामलला के दरबार में सीएम योगी।
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उन्होंने कहा कि मंगलगान का शुभारंभ नौ नवंबर 2019 को हुआ, जब न्यायपालिका ने सर्वसम्मत से निर्णय सुनाया कि अयोध्या में जहां विवादित ढांचा था, वह राम जन्मभूमि है। पांच अगस्त 2020 को इसी अयोध्या धाम में आकर पीएम मोदी ने प्रभु रामलला के भव्य राममंदिर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। 22 जनवरी 2024 (पौष शुक्ल द्वादशी) के दिन पीएम मोदी ने देश भर से आए हर तबके की उपस्थिति व संतों के सानिध्य में रामलला को उनकी जन्मभूमि में प्रतिष्ठित कराने का कार्य किया था।
सीएम ने कहा कि अयोध्या अब अयोध्या होने का अहसास कराती है। सूर्यवंश की राजधानी अयोध्या देश की पहली सोलर सिटी बन चुकी है। यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है तो नए उत्तर प्रदेश की नई अयोध्या अपने तीर्थ होने के गौरव के साथ पूरे देश को अपने साथ जोड़ रही है। सीएम ने कहा कि 13 जनवरी से प्रयागराज की धरती पर महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है। अनुरोध किया कि एक बार जाकर त्रिवेणी में स्नान कीजिए और सनातन धर्म के बढ़े गौरव का मूर्त रूप देखकर आइए।