लखनऊ। अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा की ओर से शनिवार को लखनऊ के होटल में आयोजित चिंतन शिविर में प्रमोद चौधरी को राष्ट्रीय संयोजक चुना गया। तय किया गया कि नए सिरे से पूरे देश में कार्यकारिणी गठित की जाएगी। महासभा के नाम पर चल रहे अन्य संगठनों की परवाह किए बगैर अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करेगी।
अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा में 2020 के बाद से आंतरिक द्वंद चल रहा है, जिसका नतीजा है कि महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने इस्तीफा दे दिया। गुजरात में हुए सम्मेलन में डा. स्वपन कुमार घोष को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। डा. घोष ने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अशोक यादव को उत्तर प्रदेश इकाई का अध्यक्ष बनाया है। इसी बीच शनिवार को लखनऊ में चिंतन शिविर हुआ। उत्तर प्रदेश के साथ ही मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली सहित अन्य राज्यों से आए लोगों ने महासभा की ओर से समाज हित में आंदोलन चलाने पर जोर दिया। दिल्ली ओबीसी कमीशन के अध्यक्ष रहे जगदीश यादव ने महासभा के राष्ट्रीय महासचिव रहे प्रमोद चौधरी को राष्ट्रीय संयोजक बनाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।