दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की ताजपोशी की खबर से ही राजनीतिक दलों में हलचल मच गई है। शायद यही वजह है कि तीसरे मोर्चे की कवायद को भी रफ्तार दी जा रही है।
सीपीआई-एम के राष्ट्रीय महासचिव प्रकाश करात व माकपा पोलित ब्यूरो की सदस्य सुभाषिनी अली ने मंगलवार को यूपी के सीएम अखिलेश यादव से मुलाकात की।
दंगों को लेकर उठाए सवाल
कम्यूनिस्ट पार्टी के महासचिव प्रकाश करात ने अखिलेश यादव से मिलकर मुजफ्फनगर दंगों के पीड़ितों की बदतर हालत पर चिंता जताते हुए उसे तत्काल दुरुस्त करने की मांग की। करात ने कहा कि राहत शिविरों की हालत ठीक नहीं है।
करात ने कहा कि वहां लोग बस किसी तरह जिंदगी बिता रहे हैं। कुछ लोगों के मरने की भी सूचना है।
वापस हों फर्जी मुकदमे
करात ने बताया कि उन्होंने राज्य सरकार को स्थित सही करने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं। दंगों पर हो रही राजनीति पर करात ने कुछ कहने से मना कर दिया, पर उन्होंने यह जरूर कहा कि बेकुसूर लोगों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए।
दूसरी ओर, सूत्रों ने यह जानकारी दी है कि इस मुलाकात का अहम मुद्दा तीसरे मोर्चे के गठन को लेकर था। पता चला है कि इस बैठक में भाजपा और कांग्रेस के बिना सरकार बनाने की रणनीति बनाई गई।
गौरतलब है कि पिछले दिनों वामपंथी मोर्चे ने दिल्ली में एंटी कम्यूनल फ्रंट की रैली आयोजित की थी। इसमें सपा भी शामिल हुई थी और मुलायम ने कहा था कि तीसरे मोर्चे का गठन देश के लिए जरूरी है।
माना जा रहा है कि इस बैठम में एंटी कम्यूनल फ्रंट को ही मजबूत करने पर चर्चा हुई।