फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजलीकर्मी बोले, 'सीएम साहब, हमारी रक्षा करो'

Wed, 11 Jun 2014 09:32 AM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश में बिजली संकट चरम पर है। जिससे जनता का आक्रोश फूट रहा है और कोई न कोई बिजली कर्मचारी इसका निशाना बन रहा है।
विज्ञापन


उत्तर प्रदेश बिजली मजदूर संगठन ने इंदिरानगर में बिजली कर्मियों के साथ हुई मारपीट की निंदा करते हुए सुरक्षा की मांग की है।

मंगलवार को इंदिरानगर स्थित प्रांतीय कार्यालय में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। संगठन के महामंत्री सुहेल आबिद ने कहा कि सूबे में घटिया ट्रांसफार्मरों की सप्लाई से लगातार ट्रांसफार्मर जल रहे हैं, जिसका खामियाजा बिजली कर्मियों को भुगतना पड़ रहा है।
Trending Videos

नहीं मिलता है अधिकारियों का सहयोग

आबिद का कहना है कि मार खाने एवं अपमानित होने पर उच्चाधिकारियों का सहयोग भी नहीं मिलता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बिजली कर्मियों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील सब स्टेशनों पर दो-दो सेवानिवृत्त सैनिकों की तैनाती, घटिया ट्रांसफार्मरों की उच्चस्तरीय जांच और प्रबंधन की तरफ से 50 हजार कर्मियों की भर्ती सुनिश्चित की जाए।

हालांकि प्रदेश सरकार ने बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग की मांग की है लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार के हाथ निराशा ही हाथ लगी है।
बिजली आपूर्ति बाधित होने जनता ने कई उपकेंद्रों पर हमला कर बिजली कर्मचारियों को निशाना बनाया है।

उपकेंद्र पर हुआ हमला

घटना 3 जून मंगलवार की है जब आधी रात के बाद नादान महल रोड और इंजीनियरिंग कॉलेज उपकेंद्र पर धावा बोल तोड़फोड़ की तो बुधवार शाम को चौपटिया उपकेंद्र से जुड़े इलाकों के लोगों ने 2 जेई, 4 कर्मियों व एक ठेकेदार को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।

जिसमें एक जेई के सिर में काफी चोटें आई थीं। कारण बताते हुए कहा गया कि इन दिनों मौसम भी काफी गर्म हो रहा है, ऐसे में बिजली न मिल पाने से जनता आक्रोशित है।

इसलिए जनता के आक्रोश्‍ा का सामना बिजली कर्मचारियों को करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

कर्मचारियों ने भी जताया विरोध

3 जून के घटना के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने भी कामकाज बंद कर दिया। जिससे कि शहर के पांच लाख लोगों को बिजली, पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा।

कुल मिलाकर बिजली के ‌लिए पूरे प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है, वहीं सरकार की तरफ से भी कोई मजबूत कोशिश होती नहीं दिखाई दे रही है।

वहीं ‌प्रदेश में खराब बिजली व्यवस्‍था के मुद्दे पर राजनीति भी हो रही है। भाजपा ने इस मसले पर कई बार सपा सरकार को घेरा और सवाल उठाए कि 16 मई को चुनाव नतीजे आने से पहले बिजली की आपूर्ति कैसे हो रही थी?
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें