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बिजली आपूर्ति ठप, जेल की सुरक्षा खतरे में

Fri, 28 Mar 2014 08:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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लेसा द्वारा बकाएदारों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत बृहस्पतिवार को जिला, आदर्श कारागार, नारी बंदी निकेतन एवं जेल आवासीय कॉलोनी की बिजली काट दी गई।
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जेल अफसरों ने बजट न होने की बात कहते हुए आपूर्ति ठप होने से जेल की सुरक्षा को खतरे में बताया है।

बारह घंटे से विद्युत आपूर्ति बंद होने से जेल में बंद चालीस आतंकवादियों की सुरक्षा पर खतरे का बादल मंडरा रहा है।

जेल प्रशासन हाई सिक्योरिटी बंदियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। वहीं दूसरी ओर बिजली व पानी को लेकर जिला जेल के कैदियों ने जमकर बवाल किया और खाना लेने से इन्कार कर दिया।

जेल अफसरों ने वैकल्पिक व्यवस्था कर कैदियों को शांत किया। जेल प्रशासन की मानें तो जेल में बिजली व पानी की आपूर्ति ठप है। सभी जेलें व आवासीय कॉलोनी अंधेरे में डूबी है।
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इतने बवाल के बावजूद बिजली विभाग के अफसर पिघलने को तैयार नहीं है। अफसर बकाए के भुगतान पर ही बिजली आपूर्ति शुरू करने पर अड़े हैं।

जबकि, जेल अफसर का कहना है कि, उनके पास बजट ही नहीं तो बिल का भुगतान कहां से करेंगे।

बवाल दोपहर एक बजे शुरू हुआ जब मोहनलालगंज के बिजली विभाग के जेई राजीव गंगवार ने जिला, आर्दश कारागार, नारी बंदी निकेतन एवं जेल आवासीय कॉलोनी का एक करोड़ 45 लाख रुपये का बकाया बताकर सभी जेलों की बिजली काट दी।

बिजली कटते ही थोड़े ही देर में बवाल शुरू हो गया। कॉलोनी में रह रहे कर्मचारी सड़क पर आ गए। उनका आरोप था कि बिना किसी सूचना के बिजली काटना उचित नहीं है।

कर्मचारी हंगामा करते इससे पूर्व बकाए भुगतान की जानकारी पर कर्मचारी शांत हो गए। मगर, जिला जेल में कुछ ठीक नहीं था।

दरअसल, उस वक्त जेल में बंद करीब चार हजार बंदियों के दैनिक दिनचर्या निपटाने का सिलसिला चल रहा होता है। बिजली आपूर्ति बंद होने से पानी भी कट गया।

थोड़ी देर में बैरक में स्टोर किया गया पानी भी समाप्त हो गया। उसके बाद बंदियों ने पानी आपूर्ति की मांग को लेकर बवाल कर दिया।

बंदियों ने खाना लेने से इन्कार कर दिया। सूचना पर जेल अधीक्षक एवं जेलर के हाथ पांव फूल गए। आनन-फानन जेल अफसर मौके पर पहुंचे और बंदियों को समझाने का प्रयास किया।

मगर, वह कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। बंदियों ने जनरेटर से विद्युत आपूर्ति संचालित करने की मांग की। इस जेल प्रशासन ने जनरेटर चलाने के लिए डीजल आपूर्ति के लिए बजट न होने का रोना रोया।

बाद में, एक घंटा चली मशक्कत के बाद जनरेटर चला कर पानी आपूिर्त की गई, जिससे बवाल शांत हुआ। जेल अधीक्षक दधीराम मौर्या का कहना है कि, जनरेटर चलाने के लिए उनके पास बजट नहीं है।

ऐसे में ज्यादा देर जनरेटर चलाना संभव नहीं है। जेल प्रशासन की मानें तो जेल में बिजली व पानी की आपूर्ति बिल्कुल ठप है।

सभी जेलें व आवासीय कॉलोनी अंधेरे में डूबी हैं। कैदी व कर्मचारी त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। जेल अधीक्षक ने बताया कि, जेल की बिजली कटने के संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी गई है।

वाजिफ रास्ता निकाला जा रहा है। उनका तर्क है कि, जेल में बजट ही नहीं है तो बिल का भुगतान कहां से करें।

वहीं, बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक डीके मिश्र का कहना है कि, एक साल का बकाया एक करोड़ 45 लाख रुपये जमा करने के पश्चात ही बिजली आपूर्ति शुरू की जाएगी।

बिजली केभुगतान के लिए मोहनलालगंज के एसडीओ प्रेमपाल सिंह, जेई राजीव एक सप्ताह से जेल अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं। मगर, किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया, जिससे बिजली काटनी पड़ी।
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हाई-सिक्योरिटी बैरक की सुरक्षा खतरे में
जेल अधीक्षक की मानें तो हाई-सिक्योरिटी बैरक में चालीस आतंकवादियों समेत 50 खतरनाक बंदी निरुद्ध हैं।

सूरज ढलते ही हाई सिक्योरिटी बैरक में अंधेरा छा गया। हाई मॉस्ट, मर्करी व हैलोजन सिर्फ शो पीस बनकर रह गए हैं। जेल हाता भी अंधेरे में डूबा रहा। जेल अफसर व बंदीरक्षक रात में सर्च लाइट लेकर गश्त करते रहे।

जेल अधीक्षक की मानें तो बिजली न आने से पानी आपूर्ति ठप होने के साथ जेल में अंधेरा छा गया है। इससे जेल की सुरक्षा में काफी दिक्कत आ रही है।

फिलहाल, जेल अफसरों व बंदीरक्षकों को ड्यूटी पर सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं। खाना बनाने, वितरित करने व जेल बंद करते वक्त जनरेटर संचालित कराया गया।

पूरी रात जनरेटर चलाने के लिए डीजल उपलब्ध नहीं है जिसके चलते रात में जनरेटर बंद कर दिया जाएगा।
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