पावर कॉर्पोरेशन के असहयोग के चलते बिजली टैरिफ फंस गया है। विद्युत नियामक आयोग ने वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) में बजाज व रिलायंस से महंगी बिजली खरीद के प्रस्ताव पर जवाब के लिए कॉर्पोरेशन को तीसरा रिमाइंडर दिया है।
इसमें साफ कहा गया है कि महंगी बिजली खरीद पर यदि मांगी गई सूचना उपलब्ध न हुई तो टैरिफ ऑर्डर जारी करना कठिन हो सकता है। आयोग ने कॉर्पोरेशन से तीन दिन में जवाब मांगा है।
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग को वर्ष 2014-15 का बिजली टैरिफ ऑर्डर जारी करना है। महंगी बिजली खरीद के प्रस्ताव पर आयोग 11 दिसंबर 2013 से कॉर्पोरेशन के जवाब का इंतजार कर रहा है।
एआरआर में कॉर्पोरेशन ने बजाज हिंदुस्तान से 7.75 रुपये प्रति यूनिट व रिलायंस की रोजा पावर से 6.06 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद का प्रस्ताव दिया है।
तीसरी बार भेजा अल्टीमेटम
आयोग के 11 दिसंबर 2013 के पत्र के जवाब में कॉर्पोरेशन ने 16 दिसंबर को जवाब भेजा लेकिन वह आधा-अधूरा था। इसके बाद सात फरवरी 2014 को आयोग ने कंपोनेंट वाइज विवरण सहित कई अन्य बिंदुओं की स्पष्ट जानकारी मांगी।
इसके बाद आयोग ने 24 फरवरी 2014 को पहला रिमाइंडर दिया। कॉर्पोरेशन ने जवाब तो भेजा लेकिन आयोग उससे संतुष्ट नहीं हुआ। इसके बाद 25 जून को फिर दूसरा रिमाइंडर कॉर्पोरेशन को भेजा गया, लेकिन इसका भी स्पष्ट जवाब आयोग को नहीं मिला।
नियामक आयोग ने कॉर्पोरेशन से नाराजगी जताते हुए अब तीसरा रिमाइंडर भेजा है। सितंबर अंत या अक्तूबर के पहले हफ्ते में जारी हो सकता है टैरिफ विद्युत नियामक आयोग ने साफ किया है कि यदि कॉर्पोरेशन का जवाब नहीं आता है तो एआरआर में उसकी पेश की गई दलीलों को आयोग नहीं मानेगा और अन्य पहलुओं, खासकर उपभोक्ताओं का ध्यान रखते हुए टैरिफ जारी कर देगा।
टैरिफ ऑर्डर सितंबर अंत या फिर अक्तूबर के पहले हफ्ते में जारी हो सकता है। सूत्रों के अनुसार टैरिफ ऑर्डर पर आयोग ने अपनी कवायद पूरी कर ली है। कॉर्पोरेशन का जवाब आने के बाद टैरिफ ऑर्डर जारी कर दिया जाएगा।
बिजली विभाग निजी घरानों के दबाव में
उत्तर प्रदेश विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा कि कॉर्पोरेशन का जवाब आए बगैर विद्युत नियामक आयोग बिजली का टैरिफ ऑर्डर जारी न करे। परिषद ने जनहित में कई आपत्तियां की हैं, उनका जवाब भी कॉर्पोरेशन गोल-मोल तरीके से दिया है।
परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि प्रदेश का बिजली विभाग कुछ बडे़ निजी घरानों के दबाव में बिजली दरों में बड़ा इजाफा कराना चाहता है।
आयोग ने पांच साल की सर्किल वाइज लाइन हानियों की रिपोर्ट मांगी तो पावर कॉर्पोरेशन ने यह कह दिया कि यह सवाल टैरिफ से संबंधित नहीं है। अब आयोग ने फिर लाइन हानियों का पूरा ब्यौरा तलब किया है।
इससे अपने आप पता चल जाएगा कि वीवीआईपी जिलों की लाइन हानियां व नॉन वीवीआईपी जिलों की लाइन हानियां वास्तविक रूप से क्या हैं।