उप्र पावर कॉर्पोरेशन बिजली दर के स्लैब में नए टैरिफ का खुलासा करने से बच रहा है। उसे डर है कि नए टैरिफ का खुलासा होने से आम उपभोक्ताओं का विरोध झेलना पड़ सकता है। इसलिए कॉर्पोरेशन सिर्फ स्लैब में होने वाले परिवर्तन का ही प्रकाशन कराने की कोशिश में जुटा है, जबकि उप्र विद्युत नियामक आयोग ने स्लैब परिवर्तन के साथ प्रस्तावित नई दरों की टैरिफ का भी प्रकाशन कराने का निर्देश दिया था।
पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एम देवराज ने नियामक आयोग को दिए गए जवाब में फिर से वही पुराना प्रस्ताव दाखिल किया है, जिसमें दरों को छोड़कर सिर्फ स्लैब परिवर्तन के ही प्रकाशन की बात कही गई है। विद्युत नियामक आयोग ने दो दिन पहले ही पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन को स्लैब परिवर्तन के साथ ही बिजली दर के प्रस्ताव को भी प्रकाशित करवाने का आदेश दिया था।
इस पर पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एम देवराज ने नियामक आयोग को जबाब भेजा है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि बिजली कंपनियों ने टैरिफ संशोधन के संबंध में पहले जो जवाब आयोग में दाखिल किया है, पावर कॉर्पोरेशन आज भी उसी पर कायम है यानी पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन बिजली दर का कोई प्रस्ताव नहीं छपवाना चाहता है।