भड़के लोगों ने फतेहपुर-लखनऊ मार्ग को कोतवाली के सामने जाम कर दिया। कई वाहनों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। पुलिस के समझाने पर भी लोग नहीं माने। इसपर पुलिस ने लाठियां भांजकर लोगों को गांधी चौराहे तक खदेड़ दिया।
मृतक मोहित उर्फ मोनू की मां राजवती ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि दरोगा जेपी यादव और अरविंद मौर्या उसके बेटे को 26 अगस्त को उठाकर ले गए थे। उसके बेटे की थाने में निर्ममता पूर्वक पिटाई की गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
मां ने हत्यारों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है। देर शाम कोतवाली पहुंचे डीएम वैभव श्रीवास्तव व एसपी स्वप्निल ममगई ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। एसपी ने कोतवाली प्रभारी हरि शंकर प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वहीं डीएम ने कहा कि मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने भी कार्रवाई की मांग की है।
एसपी स्वप्निल ममगई ने बताया कि युवक को लालगंज पुलिस चोरी के एक मामले में पूछताछ के लिए लाई थी। वह बीमार था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी मौत हो गई। इस मामले में कोतवाली प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है।
जांच में जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। युवक का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से कराया जाएगा। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।