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69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों ने चलाया पोस्टर अभियान, सरकार पर लगाए आरोप

Thu, 23 Jan 2020 01:54 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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69000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी कराने की मांग को लेकर बुधवार को अभ्यर्थियों ने  चारबाग बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन के अलावा शिक्षा निदेशालय पर पोस्टर अभियान चलाया।

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अभियान में शामिल वेदिका ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में लंबित है। सरकार की निष्क्रियता के कारण न्यायालय में उचित पैरवी नहीं की जा रही।

हर्षिता ने कहा, अच्छे अंक हासिल करने के बावजूद हम न्यायालय के चक्कर काट रहे हैं। इस मौके पर अमित, भावना, अतुल, अभय, अरुणेन्द्र, प्रतीक, शिवम, रुहान, हर्षित मौजूद रहे।

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कोर्ट ने लिखित बहस दाखिल करने का दिया था आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती में राज्य सरकार समेत सभी पक्षकारों की विशेष अपील पर उनके वकीलों को लिखित बहस 23 जनवरी तक दाखिल करने के निर्देश दिए थे।
 
न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जौहरी की खंडपीठ ने यह आदेश इससे संबंधित अपीलों पर दिया। इस मामले में फाइनल सुनवाई जारी है।

इस मामले में एकल न्यायाधीश के उस फैसले और आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें राज्य सरकार को भर्ती परीक्षा में न्यूनतम अर्हता अंक सामान्य वर्ग के लिए 45 और आरक्षित वर्ग के लिए 40 फीसदी रखे जाने के निर्देश दिए गए थे।

इस मामले में कोर्ट के समक्ष राज्य सरकार की तरफ से महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने गत 24 सितंबर को दलीलें दी थीं। इसके बाद से अन्य पक्षकारों के अधिवक्ताओं की बहस जारी थी। कोर्ट ने अगली सुनवाई 23 जनवरी को नियत की थी।
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एकल पीठ में याचिकाओं के बाद दिए गए थे निर्देश

बीते साल की शुरुआत में हुई भर्ती परीक्षा के बाद राज्य सरकार ने इसमें अर्हता अंक सामान्य वर्ग के लिए 65 और आरक्षित वर्ग के लिए 60 फीसदी तय कर दी थी। इसके खिलाफ एकल पीठ में कई याचिकाएं दायर हुईं और उक्त निर्देश दिए गए थे।

बीते शनिवार को मामले की फाइनल सुनवाई जारी रही। याचियों के वरिष्ठ वकील प्रशांत चंद्रा के सुझाव पर और हाल ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मद्देनजर अदालत ने मौखिक बहस को सीमित करने के लिए संबंधित पक्षकारों के वकीलों को लिखित बहस 23 जनवरी तक दाखिल करने के निर्देश दिए, जिससे इस मामले का जल्द निस्तारण किया किया जा सके। इस भर्ती मामले में अभ्यर्थी राजधानी में धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं।
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