लखनऊ विश्वविद्यालय परीक्षा कार्य में गोपनीयता बढ़ाने और खर्च घटाने के लिए डाक विभाग का सहारा लेगा। परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए दौड़ने वाली दर्जनों गाड़ियां भी अब नजर नहीं आएंगी। इसके स्थान पर डाक विभाग लविवि के प्रश्नपत्र पहुंचाने का काम करेगा। इसके लिए विवि की डाक विभाग से वार्ता चल रही है।
जल्द ही यह व्यवस्था व्यवहार में नजर आएगी। लविवि ने इस साल से विद्यार्थियों की डिग्री उनके घर में भेजने के लिए भी डाक विभाग से अनुबंध किया है। लखनऊ विश्वविद्यालय हर साल औसतन डेढ़ लाख विद्यार्थियां की परीक्षा कराता है।
इनकी परीक्षा कराने के लिए हर साल लखनऊ के विभिन्न हिस्सों में 40 से 50 परीक्षा केंद्र बनाए जाते हैं।
परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र पहुंचाने की जिम्मेदारी विवि खुद निभाता है। हर दिन परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र पहुंचाए जाते हैं। इस काम में विवि अपने कर्मचारियों को लगाता है। प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए किराये की गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में विवि का काफी खर्च होता है, साथ ही कर्मचारियों के रूप में काफी ऊर्जा भी लगती है।
इसे दूर करने के लिए परीक्षा विभाग ने प्रश्नपत्र भेजने में डाक विभाग का सहयोग लेने की योजना तैयार की है। इसके तहत लविवि सभी प्रश्नपत्र सीलबंद पैकेट में डाक विभाग को सौंप देगा। डाक विभाग प्रश्नपत्रों को निर्धारित समय पर पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाएगा। इस तरह से लविवि को अपनी गाड़ियों और कर्मचारियों को इस काम में नहीं लगाना पड़ेगा।