लखनऊ विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2017-18 से निर्धन छात्रों को पुअर ब्वॉयज फंड से सहायता देने के लिए नियमों में छूट दी जाएगी। स्टूडेंट्स को फंड से सहायता प्राप्त करने के लिए अलग से आवेदन नहीं करना होगा।
एडमिशन के लिए काउंसलिंग के वक्त ही उनसे पुअर ब्वॉयज फंड के लिए आवेदन ले लिया जाएगा। आर्थिक सहायता के लिए छात्र की अधिकतम पारिवारिक आय एक लाख रुपये वार्षिक की सीमा बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।
विवि में पुअर ब्वॉयज फंड के नाम पर हर स्टूडेंट से सालाना 200 रुपये फीस ली जाती है। इसके बावजूद प्रचार-प्रसार न होने की वजह से स्टूडेंट्स को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
लखनऊ विश्वविद्यालय में पूरे प्रदेश से हर बैकग्राउंड के स्टूडेंट्स पढ़ाई के लिए आते हैं। इनमें कुछ की आर्थिक स्थिति बेहद खराब होती है। इनकी सहायता के लिए विवि में पुअर ब्वॉयज फंड बनाया गया है। बीते साल इस फंड से सहायता देने के लिए विवि में ने नई गाइडलाइन तैयार की है।
गाइडलाइन के अनुसार सहायता के लिए स्टूडेंट्स को पूर्ववर्ती कक्षा में 60 फीसदी अंक पाने की अनिवार्यता रखी गई है। इसी तरह सहायता के लिए छात्र की अधिकतम पारिवारिक आय एक लाख रुपये तय की गई है। निर्धन छात्र सहायता कोष से स्टूडेंट्स को ‘अर्न व्हाइल लर्न’ योजना के तहत मदद दी जाती है।
योजना के अनुसार सहायता पाने के लिए स्टूडेंट्स को विश्वविद्यालय में काम करना होगा। सहायता के लिए स्टूडेंट्स को हॉस्टल्स में रिकॉर्ड कीपिंग, विभागों व हॉस्टल में कम्प्यूटर से जुड़े काम, लाइब्रेरी में सहायता, आदि से जुड़े कामों में जोड़ने का प्रस्ताव भी था।