राजधानी लखनऊ में सोमवती अमावस्या के मौके पर एक लाख शिवलिंगों का रुद्राभिषेक किया गया। शहर के ऐशबाग के रामलीला मैदान में 27 चौकियों पर आचार्य व पुरोहित मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर पूजन कर रहे हैं।
इस दौरान भक्तों ने इसी सावन के महीने में ही कोरोना के खत्म होने की प्रार्थना की। बता दें कि हर साल यहां दर्जनों जजमान पूजा में बैठते थे लेकिन इस बार सिर्फ पुरोहित ही पूजन कर रहे हैं। पूजा में लगने वाले 400 लीटर गंगाजल को ऋषिकेश से मंगाया गया है और दूध की धार के साथ 11 पाठ किए गए।
मुख्य आचार्य योगेश व्यास जी ने बताया की गंगाजल मे कुशा डाल कर यदि रुद्राभिषेक किया जाता है तो व्याधि की समाप्ति होती है। कोविड-19 महामारी को समाप्त करने हेतु इस वर्ष कुशा से रुद्राभिषेक कराया गया।
प्रमुख आचार्य शिव शंकर पांडे ने बताया इस पूजा की तैयारी लगभग एक महीने पहले से ही शुरू होती है। 55०० रुद्र शिव परिवार के साथ प्रत्येक चौकी विराजमान किए जाते हैं। विधि विधान से पूजा होती है उसके बाद नमक चमक के 11 अध्यायों का पाठ होता है।
मुख्य आयोजक के द्वारा समस्त यजमानों के नाम एवं उनके गोत्र दिये गये जो कि प्रत्येक चौकी पर पूजा कराने वाले ब्राह्मण को दे दिया गया था। यजमान के नाम से चौकी पर संकल्प लेकर आचार्य ने पूजा कराई। सभी भक्तों व यजमान ने भगवान शंकर से प्रार्थना कर जल्द से जल्द विश्व में कोरोना के समाप्त होने की प्रार्थना की।