लखनऊ। पिछले साल के मुकाबले इस बार लॉकडाउन में कम सख्ती का असर ध्वनि प्रदूषण पर भी पड़ा है। आईआईटीआर की रिपोर्ट के मुताबिक सभी इलाकों में यह बढ़ा है। रिपोर्ट में सलाह दी गई कि दिन और रात में नियमित रूप से ध्वनि के स्तर को नापने की जरूरत है। यह सीधे तौर पर लोगों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। लगातार ध्वनि प्रदूषण के बीच रहने पर अस्थायी या स्थायी बहरेपन की शिकायत हो सकती है।
इस तरह आया बदलाव
लोकेशन 2020 2021
अलीगंज 62/44.5 67.6/58.1
विकासनगर 58.6/45.8 70.5/60
इंदिरानगर 60.2/42.7 67/55.4
गोमतीनगर 54.4/--- 70.7/56.9
चारबाग 68.3/47.8 72.2/61.3
आलमबाग 60.1/--- 67.2/52.3
अमीनाबाद ----/------ 71.6/53.1
चौक ----/----- 79/57.4
अमौसी 70.2/--- 73.6/60.1
(आंकड़े दिन/रात के रूप में दिए गए हैं। रात में ध्वनि प्रदूषण की अधिकतम सीमा आवासीय में 45, व्यावसायिक में 55, औद्योगिक में 70 है। दिन के समय यह अधिकतम अनुमन्य सीमा क्रमश: 55, 65 और 75 है।)