प्रदेश में अंतिम चरण में 18 सीटों पर चुनाव जारी है। इस चरण में कई दिग्गज मैदान में है। अहम सीट वाराणसी की बात करें तो मुस्लिम वोट अरविंद केजरीवाल के पाले में जा रहे हैं।
आजमगढ़ को छोड़ दें तो काशी में मुकाबाल बहुत दिलचस्प है। यहां आप के नेता अरविंद केजरीवाल और नरेंद्र मोदी में सीधी लड़ाई देखने को मिल रही है।
राहुल गांधी के रोड शो के बाद मुस्लिम वोटों के बंटे जाने की संभावना जताई जाने लगी थी लेकिन शुरुआती रुझानों से यह तय माना जा रहा है कि अरविंद मुस्लिम वोट पाने में सफल हो सकते हैं।
जानकारों की मानें तो मुस्लिम मोदी को वोट नहीं दे सकते और कांग्रेस के प्रत्याशी अजय राय की छवि को लेकर भी मुसलमानों में एकमत नहीं है, ऐसे में अरविंद के सिवाय उनके पास कोई विकल्प नहीं।
केजरी बोले, मोदी और 'आप' में टक्कर
आम आदमी पार्टी के संयोजक और वाराणसी से चुनाव लड़ रहे अरविंद केजरीवाल ने 8.45 पर वोटिंग की।
जब उनसे पूछा गया कि यहां त्रिकोणीय टक्कर है क्या? इस पर वह हंसते हुए बोले कि ऐसा नहीं है, अजय राय जी कहीं नहीं हैं।
उन्होंने कहा, पिछले तीन दिनों में काफी कुछ बदल गया है और लोग भी कह रहे हैं कि मोदी जी हार रहे हैं। अब मोदी जी और मेरे बीच सीधी टक्कर है।
एक सवाल पर अरविंद का कहना था कि उनका मुकाबला भ्रष्टाचार और महंगाई से है।
आदित्यनाथ का बयान
उधर गोरखपुर से भाजपा प्रत्याशी आदित्यनाथ का बयान आया है कि सपा का प्रदेश से सफाया हो रहा है।
उन्होंने यह तक कहा कि मुलायम सिंह यादव आजमगढ़ से हार रहे हैं। बताते चलें कि योगी आदित्यनाथ पर सबकी नजरें हैं।
योगी का मुकाबला सपा की राजमती यादव, बसपा के रामभुवाल निषाद और कांग्रेस के अष्टभुजा तिवारी से है।
ये रही सीटें
चंदौली, गाजीपुर, वाराणसी, राबर्ट्सगंज, मछलीशहर, देवरिया, जौनपुर, डुमरियागंज, लालगंज, बांसगांव, कुशीनगर, सलेमपुर, बलिया, आजमगढ़, मिर्जापुर, घोसी, गोरखपुर, महाराजगंज।
चप्पे-चप्पे पर नजर
इस चरण में वाराणसी और आजमगढ़ जैसी हाईप्रोफाइल सीटों तथा नरेंद्र
मोदी, अरविंद केजरीवाल व मुलायम सिंह जैसे दिग्गज नेताओं के मैदान होने की
वजह से चुनाव आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए खास इंतजाम
भी किए हैं।
बूथों पर केंद्रीय बलों की तैनाती करने के साथ पूरे इलाके में
प्रेक्षकों की भारी-भरकम फौज तैनात की गई है जो हर गतिविधि पर नजर रखेगी।