फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lucknow News: नेता ने जगद्गुरु परमहंस के हड़पे दो लाख, रिपोर्ट दर्ज

Thu, 04 Jun 2026 10:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी रहे कथित भाजपा नेता सच्चिदानंद पांडेय पर अब धोखाधड़ी का आरोप है। अयोध्या धाम के जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कोतवाली अयोध्या में दो लाख रुपये हड़पने के मामले में उन पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं, भाजपा संगठन ने उनके दल में होने से ही इन्कार किया है।
विज्ञापन

एफआईआर में तपस्वी छावनी के महंत व जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने बताया कि 16 मार्च की सुबह लगभग 10 बजे कथित भाजपा नेता सच्चिदानंद पांडेय ने उनसे चेक के माध्यम से दो लाख रुपये उधार लिए थे। अति आवश्यकता बताकर 10-12 दिन में ही रुपये वापस करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक धनराशि वापस नहीं की। लगभग दो माह तक जल्द ही रुपये लौटाने का आश्वासन देते रहे। अब रुपये मांगने पर उत्तेजित होकर गाली व धमकी देते हैं। ज्यादा दबाव बनाने पर जान से मरवाने की धमकी देते हैं। कोतवाल पंकज सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करके जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

लोकसभा चुनाव के बाद सपा से भी रही करीबी
सच्चिदानंद पांडेय बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़े थे। हार के बाद वह साइकिल पर सवार हुए। सांसद अवधेश प्रसाद के साथ वह सपा प्रमुख अखिलेश यादव से भी मिले। हाल ही में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य के साथ उनकी तस्वीरें वायरल हुई हैं।
विज्ञापन


जिलाध्यक्ष और सोशल मीडिया प्रभारी से भी हो चुका है विवाद
सच्चिदानंद पांडेय लंबे समय से विवादों में हैं। पूर्व विधायक खब्बू तिवारी की मां की तेरहवीं संस्कार के दौरान डिप्टी सीएम केशव मौर्या के साथ फोटो खिंचवाने को लेकर उनका पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव सिंह से भी विवाद हुआ था। 10 दिन पूर्व भाजपा के सोशल मीडिया प्रभारी प्रवेश मिश्रा से गाली-गलौज, अभद्रता व धमकी देने का मामला भी सामने आया, जिसमें तारुन थाने में उनके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज है।

जिलाध्यक्ष बोले, सच्चिदानंद भाजपा में नहीं
भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने बताया कि सच्चिदानंद पांडेय भाजपा में नहीं हैं। वह इस जिले के भी निवासी नहीं हैं। लोकसभा चुनाव के बाद वह सपा में चले गए थे। इस बीच कब वह भाजपा में आए, इसकी किसी को भी जानकारी नहीं है। कहा कि भाजपा सरकार में किसी तरह के अपराध में संलिप्त व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यदि उन्होंने संत का रुपया हड़पा है तो उनके खिलाफ निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी। हालांकि, इस मामले को लेकर जिले में चर्चाओं का दौर तेज है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें